नई दिल्ली: सरकार ने नए आयकर नियम 2026 का मसौदा जारी कर दिया है, जिसमें पैन कार्ड से जुड़े कई प्रावधानों में महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। इन संशोधनों का उद्देश्य आम लोगों के लिए बड़े वित्तीय लेनदेन को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, किसी व्यक्ति द्वारा एक वित्तीय वर्ष में बैंक खातों में कुल 10 लाख रुपए तक की जमा या निकासी करने पर पैन नंबर देना अनिवार्य नहीं होगा। वर्तमान व्यवस्था में एक दिन में 50,000 रुपए या उससे अधिक की नकद जमा पर पैन की आवश्यकता होती है।
वाहन खरीद के नियमों में भी बदलाव किया गया है। नए मसौदे में 5 लाख रुपए से अधिक कीमत के किसी भी वाहन (दोपहिया सहित) की खरीद पर पैन देना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। फिलहाल दोपहिया वाहन खरीदने पर पैन की जरूरत नहीं होती, जबकि अन्य वाहनों के लिए यह आवश्यक है।
होटल, रेस्तरां और बैंक्वेट हॉल में भुगतान से जुड़े नियमों में भी राहत दी गई है। अब एक लाख रुपए तक के भुगतान पर पैन की आवश्यकता नहीं होगी, जबकि मौजूदा नियमों में 50,000 रुपए या उससे अधिक के भुगतान पर पैन देना अनिवार्य है।
संपत्ति खरीद से संबंधित नियमों में भी बदलाव सुझाया गया है। नए प्रस्ताव के तहत 20 लाख रुपए तक की संपत्ति खरीदने पर पैन की जरूरत नहीं होगी, जबकि वर्तमान सीमा 10 लाख रुपए है।
इसके अलावा, बीमा कंपनियों के साथ खाता खोलने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। वर्तमान में, एक वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपए से अधिक के कुल बीमा प्रीमियम भुगतान पर ही पैन जरूरी होता है।
नए आयकर नियमों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद, आयकर अधिनियम 2025 को 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा। उम्मीद है कि इसकी आधिकारिक अधिसूचना अगले महीने जारी की जाएगी।

