RANCHI
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और अलग राज्य आंदोलन के अग्रदूत शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्मभूषण सम्मान देने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। इस निर्णय को झारखंड आंदोलन, आदिवासी समाज और जनसंघर्ष की राजनीति को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि शिबू सोरेन का जीवन राजनीतिक सीमाओं से परे समता, सामाजिक न्याय, आदिवासी अस्मिता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष का प्रतीक रहा। उन्होंने कहा, “झारखंड की जनता के हृदय और देशभर के आदिवासी समाज के बीच, शिबू सोरेन हमेशा भारत के सच्चे सपूत और प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।”
ओडिशा के पूर्व राज्यपाल और भाजपा नेता रघुवर दास ने भी इस सम्मान को झारखंड और उसके आदिवासी समाज के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि झारखंड की मिट्टी, संघर्ष की परंपरा और जनआंदोलन की भावना का प्रतीक है।
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने कहा कि शिबू सोरेन का जीवन लोक कल्याण और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा। उनका संघर्ष जल-जंगल-जमीन की रक्षा, नशा मुक्ति, महाजनी प्रथा और अन्य शोषण के खिलाफ आज भी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है।
इस सम्मान ने झारखंड और आदिवासी समाज के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाई है और उनके संघर्षों को हमेशा यादगार बना दिया है।

