RANCHI
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर झारखंड की राजधानी रांची स्थित ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने ध्वजारोहण किया। इस मौके पर आकर्षक परेड का आयोजन हुआ तथा विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा विकास कार्यों पर आधारित झांकियां प्रस्तुत की गईं।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने भारतीय संविधान को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से प्रेरित विश्व का श्रेष्ठ संविधान बताते हुए कहा कि यह देश को एकता, समानता और सामाजिक न्याय की दिशा में मार्गदर्शन करता है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में झारखंड के योगदान को रेखांकित करते हुए राज्य की जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक संपदा और मानव संसाधन को इसकी प्रमुख शक्ति बताया।
राज्यपाल ने जननायक शिबू सोरेन को पद्मभूषण से सम्मानित किए जाने पर केंद्र सरकार के प्रति आभार जताया और इसे पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने ‘पेसा नियमावली-2025’ को जनजातीय स्वशासन और अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करार दिया।
उन्होंने भरोसा जताया कि पर्यटन, औद्योगिक नवाचार और कृषि सुधारों के माध्यम से झारखंड ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ की विशेष सराहना की। इस योजना के तहत 51 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया गया।
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की लगभग एक-तिहाई आबादी युवाओं की है और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार मिशन मोड में कार्य कर रही है। जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से बड़ी संख्या में नियुक्तियां हुई हैं। राज्य में 80 ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किए जा रहे हैं तथा नेतरहाट विद्यालय की तर्ज पर पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो और दुमका में नए आवासीय विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं।
कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के लिए छह लाख टन धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और किसानों को बोनस सहित 2,450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों, सहायक आचार्यों और प्रयोगशाला सहायकों की नियुक्ति की गई है। अस्पतालों के बेहतर संचालन के लिए वरिष्ठ अस्पताल प्रबंधकों और आईटी अधिकारियों की तैनाती की गई है, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।

