मुंबई/रांची: रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों जाने वाले झारखंडी प्रवासी मजदूरों की समस्याएं और हादसे लगातार जारी हैं। 24 जनवरी को हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम नवादा निवासी 46 वर्षीय जानकी साव की बोरीवली में सड़क हादसे में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, उन्हें दोपहिया वाहन ने जोरदार टक्कर मारी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और शताब्दी अस्पताल बोरीवली में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

जानकी साव कुछ दिनों पहले ही मुंबई आए थे और ऑटो रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनके पीछे पत्नी कुंती देवी और दो पुत्र महेश (16 वर्ष) और विवेक (14 वर्ष) हैं। उनकी मौत की खबर से गांव में मातम छा गया है।इस हादसे के बाद झारखंडी एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष असलम अंसारी, बोरीवली इकाई अध्यक्ष भीम कुमार गुप्ता और संघ के अन्य सदस्य शताब्दी अस्पताल पहुंचे और शव को पैतृक गांव नवादा भेजने में मदद की। संघ के पदाधिकारियों ने परिवार को सांत्वना दी और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
झारखंडी एकता संघ ने कहा कि यह घटना प्रवासी मजदूरों की मौत की पहली नहीं है। पिछले वर्षों में देश और विदेशों में कई प्रवासी मजदूरों की मौतें हुई हैं। संघ के मुताबिक, झारखंड सरकार प्रवासी मजदूरों के हित में पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है, और मजदूरों का पलायन लगातार बढ़ रहा है। झारखंडी एकता संघ ने अब तक लगभग 300 प्रवासी मजदूरों के शव गांव भेजने में मदद की है और 21 वर्षों से सरकार से प्रवासी कल्याण आयोग के गठन की मांग कर रही है। संघ ने कहा कि वर्तमान सरकार भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं कर रही, जो झारखंड के लिए शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है।

