RANCHI : मुख्यमंत्री की दावोस एवं लंदन यात्रा को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस मीडिया सेल के चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने इसे भ्रामक, तथ्यहीन और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि जानबूझकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि यह दौरा झारखंड में निवेश, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से किया गया है।
उन्होंने कहा कि दावोस का औपचारिक कार्यक्रम भले ही 23 जनवरी को समाप्त हो जाता है, लेकिन निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ बैठकों की प्रक्रिया वहीं खत्म नहीं होती। इसी क्रम में लंदन में उच्चस्तरीय बैठकों और रोड-शो के माध्यम से झारखंड की औद्योगिक, खनिज और मानव संसाधन संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है। इसे केवल “घूमना” कहना गैर-जिम्मेदाराना है और राज्यहित के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाता है।
सतीश पौल मुंजनी ने कहा कि मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विदेश जाकर राज्य की ब्रांडिंग करना और निवेश आकर्षित करना आज के प्रतिस्पर्धी संघीय ढांचे में हर प्रगतिशील राज्य की आवश्यकता है। भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा भी पूर्व में इसी तरह की विदेश यात्राएं की जाती रही हैं। ऐसे में अब इस पर सवाल उठाना दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
उन्होंने गणतंत्र दिवस के झंडोत्तोलन को लेकर की जा रही राजनीति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में सरकार के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी पूरी गरिमा एवं संवैधानिक मर्यादा के साथ यह दायित्व निभाते हैं। राष्ट्रभक्ति का प्रमाण केवल आरोप लगाने से नहीं, बल्कि राज्य के लिए निवेश और अवसर लाने से मिलता है।
टाटा समूह के साथ एमओयू को लेकर उन्होंने कहा कि यह कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि पूर्व में किए गए समझौतों के क्रियान्वयन और नए निवेश को आगे बढ़ाने की ठोस पहल है। यह कहना कि ऐसे समझौते यहीं हो सकते थे, वैश्विक निवेश प्रक्रिया की बुनियादी समझ के अभाव को दर्शाता है।
अंत में उन्होंने कहा कि विपक्ष को अनर्गल बयानबाजी छोड़कर यह बताना चाहिए कि अपने कार्यकाल में उसने झारखंड के लिए कौन-से ठोस अंतरराष्ट्रीय निवेश लाए। जनता अब केवल आरोप नहीं, बल्कि परिणाम देखना चाहती है।

