लोहरदगा/हजारीबाग।
झारखंड में सरस्वती पूजा प्रतिमा विसर्जन के दौरान लोहरदगा और हजारीबाग जिलों में दो अलग-अलग स्थानों पर विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों घटनाओं के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर काबू पा लिया है।
लोहरदगा जिले के कुडू थाना क्षेत्र अंतर्गत बारीडीह गांव में रविवार को सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच विवाद हो गया, जो बाद में हिंसक रूप ले बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पक्ष लाठी-डंडों और परंपरागत हथियारों के साथ आमने-सामने आ गए, जिससे गांव में अफरातफरी मच गई और कई लोग घायल हो गए।
पुलिस ने घायलों में से तीन को कुडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज जारी है। बताया गया कि विवाद की शुरुआत शनिवार शाम उस समय हुई थी, जब प्रतिमा भ्रमण के दौरान प्रतिमा एक घर के छप्पर से सट गई थी, जिस पर कहासुनी हुई थी। उस वक्त मामला शांत करा लिया गया था, लेकिन रविवार सुबह फिर से विवाद भड़क गया और स्थिति बिगड़ गई।
घटना की सूचना मिलते ही कुडू थाना पुलिस और एसएसबी का बाइक दस्ता मौके पर पहुंचा। लोहरदगा के पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी समेत वरीय अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। गांव और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
इसी तरह हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत बेलतू गांव में शनिवार देर रात मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प और पत्थरबाजी में बदल गया। इस घटना में दोनों पक्षों के कई लोग तथा पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
सूचना मिलते ही हजारीबाग के उपायुक्त शशि रंजन और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन मौके पर पहुंचे और देर रात तक हालात संभालने में जुटे रहे। प्रशासन ने क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।
हजारीबाग पुलिस के अनुसार फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन ने दोनों जिलों के लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

