नई दिल्ली
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर रविवार को मूर्ति विसर्जन के दौरान यमुना नदी में एक युवक बह गया। सूचना मिलने के बाद से ही उसकी तलाश के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, हालांकि अब तक उसका कोई पता नहीं चल सका है।
लापता युवक की पहचान विकास के रूप में हुई है। वह बसंत पंचमी के बाद देवी सरस्वती की मूर्तियों के विसर्जन कार्यक्रम में शामिल था। बताया जा रहा है कि पूजा के दौरान पैर फिसलने से वह नदी में गिर गया।
प्रशासन के अनुसार, माना जा रहा है कि युवक यमुना के तेज बहाव में बह गया, जो पूर्वी दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमा के साथ बहती है।
दिल्ली बोट क्लब के प्रभारी हरीश कुमार ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन को देर रात कुछ समय के लिए रोका गया था और रविवार सुबह फिर से शुरू किया गया। उनके अनुसार रात करीब 12:30 बजे अभियान रोका गया था, जिसे सुबह 6:30 बजे दोबारा शुरू किया गया। बोट क्लब के गोताखोर लगातार नदी में तलाश कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
मौके पर एनडीआरएफ, दिल्ली पुलिस, फायर सर्विस और उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें मौजूद हैं और संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चला रही हैं।
पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी अमोल श्रीवास्तव ने बताया कि घटना शनिवार शाम की है। उनके अनुसार शनिवार को रात करीब 8 से 8:15 बजे के बीच यमुना में एक युवक के गिरने की सूचना मिली, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। रात करीब 8:30 बजे एनडीआरएफ को भी बुलाया गया।
विकास के भाई ने बताया कि वे शनिवार शाम करीब 7 बजे मूर्ति विसर्जन के लिए पहुंचे थे। विसर्जन के दौरान विकास का पैर फिसल गया और वह नदी में गिर गया। तभी से उसकी तलाश जारी है।
चश्मदीदों के मुताबिक युवक के नदी में गिरते ही वहां मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी, लेकिन यमुना के तेज बहाव के कारण वह बह गया होगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मूर्ति विसर्जन और अन्य धार्मिक गतिविधियों के दौरान नदियों, नहरों और जल स्रोतों के पास विशेष सतर्कता बरतें, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

