लंदन / रांची।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने लंदन प्रवास के दौरान रॉयल स्कूल ऑफ माइंस, इम्पीरियल कॉलेज लंदन का दौरा किया। यह दौरा क्रिटिकल मिनरल्स, उन्नत खनिज प्रसंस्करण और स्वच्छ ऊर्जा पर आधारित अंतरराष्ट्रीय संवाद के तहत आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री ने संस्थान की प्रमुख प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया और क्रिटिकल मिनरल्स, एडवांस्ड मैटीरियल्स और परमाणु अनुसंधान में कार्यरत फैकल्टी और शोधकर्ताओं से बातचीत की। इस अवसर पर प्रोफेसर स्टीफन नीथलिंग, मार्क वेनमैन, मार्क सेप्टन और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के प्रो. मुकेश कुमार तथा डॉ. सूर्या कुमार सिंह ने खनिज प्रसंस्करण, सामग्री विज्ञान, परमाणु अभियांत्रिकी और उन्नत सेंसिंग तकनीकों पर चल रहे शोध कार्यों की जानकारी दी।
फैकल्टी ने बताया कि इम्पीरियल कॉलेज लंदन में भू-विज्ञान, सामग्री अभियांत्रिकी, कंप्यूटेशनल मॉडलिंग और नीति अध्ययन को एकीकृत कर खनन, स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक डी-कार्बोनाइजेशन जैसी जटिल चुनौतियों पर काम किया जा रहा है।
प्रयोगशालाओं में खनिजों की पहचान, प्रसंस्करण को बेहतर बनाने, मॉडलिंग और इमेजिंग से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान यह समझाया गया कि कैसे प्रारंभिक स्तर के अनुसंधान को औद्योगिक उपयोग में बदला जा सकता है। चर्चा का मुख्य विषय यह रहा कि इन तकनीकों से झारखंड जैसे संसाधन-समृद्ध राज्यों में खनन से आगे मूल्य संवर्धन और औद्योगिक विकास को बढ़ावा कैसे दिया जा सकता है।
इस दौरे के माध्यम से झारखंड ने वैश्विक संस्थानों के साथ दीर्घकालिक शैक्षणिक और शोध साझेदारी की अपनी मंशा को दोहराया। इसमें तकनीकी विकास, कौशल निर्माण और संस्थागत क्षमता बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ शामिल हैं।
मुख्यमंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल ने इम्पीरियल कॉलेज के साथ इस बात पर भी चर्चा की कि झारखंड में क्रिटिकल मिनरल्स और माइनिंग साइंसेज़ के क्षेत्र में एक Centre of Excellence स्थापित किया जाए।
यह यात्रा झारखंड को क्रिटिकल मिनरल्स, उन्नत विनिर्माण और सतत औद्योगिक विकास के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

