RANCHI
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जनजातीय समाज से संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे हैं। वे दो दिवसीय प्रवास पर शुक्रवार को रांची आए और शनिवार को ‘जनजातीय संवाद’ कार्यक्रम में शामिल हुए।
यह कार्यक्रम राजधानी स्थित कार्निवल बैंक्वेट हॉल में आयोजित किया गया, जिसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से आए करीब 400 से 1000 आदिवासी प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। यह एक बंद कक्ष में होने वाला संवाद कार्यक्रम है, जहां मोहन भागवत जनजातीय प्रतिनिधियों के साथ प्रत्यक्ष बातचीत कर रहे हैं।
बैठक में जनजातीय समाज से जुड़े मुद्दों जैसे संस्कृति का संरक्षण, सामाजिक एकता, विकास की दिशा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। प्रतिनिधि अपने विचार और सुझाव रख रहे हैं, वहीं संघ प्रमुख उनकी बातों को सुनते हुए मार्गदर्शन दे रहे हैं।
कार्यक्रम में आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक रामनवमी प्रसाद, प्रांत प्रचारक गोपाल सहित संघ से जुड़े कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद हैं। बैठक दोपहर तक या लगभग शाम 3:30 बजे तक चलने की संभावना है।
आरएसएस का यह प्रयास जनजातीय समाज के साथ संबंधों को और सुदृढ़ करने, उनकी भावनाओं को समझने तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। झारखंड जैसे राज्य में, जहां जनजातीय आबादी बड़ी संख्या में है, इस तरह के संवाद कार्यक्रम विशेष महत्व रखते हैं।
संघ लंबे समय से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े कार्य करता रहा है।
जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के बाद मोहन भागवत शनिवार शाम रेल मार्ग से पटना रवाना होंगे, जहां वे संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लेंगे।
यह दौरा समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद कर राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की आरएसएस की नीति का हिस्सा माना जा रहा है। इस संवाद से जनजातीय समुदाय के बीच संघ की गतिविधियों को लेकर जागरूकता और विश्वास बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

