मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में निवेश और साझेदारी पर फोकस

Ravikant Upadhyay

रांची/दावोस — युवा राज्य झारखण्ड ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) की वार्षिक बैठक 2026 में अपनी सशक्त और दूरदर्शी उपस्थिति दर्ज कराई है। उद्घाटन समारोह के बाद मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड का प्रतिनिधिमंडल उच्च-स्तरीय वैश्विक आर्थिक और नीतिगत चर्चाओं में सक्रिय रूप से शामिल हुआ। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करना और राज्य में निवेश के नए अवसरों को साकार करना है।

विश्व आर्थिक मंच के पहले दिन झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक सहयोग, अंतरराष्ट्रीय व्यापार परिषदों और प्रतिष्ठित संस्थागत भागीदारों के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ व्यापक संवाद किया। इन चर्चाओं में झारखण्ड ने औद्योगिक विनिर्माण, उन्नत प्रौद्योगिकी, स्थिरता और संस्थागत सहयोग के क्षेत्रों में सहयोग को गहराने की अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से सामने रखी।

प्रमुख बैठकों में टाटा स्टील के साथ हुई चर्चा खास रही, जिसमें भारत के औद्योगीकरण और उन्नत एवं टिकाऊ विनिर्माण के विकास में झारखण्ड की ऐतिहासिक और रणनीतिक भूमिका को रेखांकित किया गया। वहीं, हिताची इंडिया के साथ हुई बैठक में अवसंरचना विकास, ऊर्जा प्रणालियों और तकनीक-आधारित समाधानों पर संभावनाओं पर विचार किया गया। टेक महिंद्रा के साथ संवाद के दौरान आईटी हब, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और कौशल विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

इसके अलावा ब्लूमबर्ग APAC, स्वीडन-इंडिया बिजनेस काउंसिल और यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में निवेश को सुगम बनाने, वैश्विक बाजार से जुड़ाव और रणनीतिक सहयोग के अवसरों को तलाशा गया। झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल ने विश्व आर्थिक मंच के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात कर वैश्विक आर्थिक और नीतिगत विमर्श में दीर्घकालिक भागीदारी के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता दोहराई।

महिला विकास और समावेशी नेतृत्व को लेकर हुई चर्चाओं में झारखण्ड सरकार ने यह स्पष्ट किया कि लैंगिक समानता और महिलाओं की भागीदारी को आर्थिक विकास और शासन का अभिन्न हिस्सा माना जा रहा है। इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने टेक्नोलॉजी से जुड़े विभिन्न पवेलियनों का दौरा कर उभरते नवाचारों और भविष्योन्मुखी समाधानों की जानकारी ली, जिससे राज्य के औद्योगिक विकास को तकनीकी उन्नति और स्थिरता से जोड़ने की दिशा में नए दृष्टिकोण मिले।

अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर चुका झारखण्ड अब ‘विजन 2050’ की ओर अग्रसर है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के पहले दिन की ये गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि राज्य अब केवल क्षेत्रीय भागीदारी तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि सक्रिय वैश्विक सहभागिता के जरिए खुद को भविष्य के लिए तैयार और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ा राज्य बनाना चाहता है। इन प्रारंभिक वार्ताओं के माध्यम से झारखण्ड ने टिकाऊ साझेदारी, जिम्मेदार निवेश और समावेशी विकास की दिशा में अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं।

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