दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा वांछित शूटर गिरफ्तार

Shashi Bhushan Kumar

नई दिल्ली:संगठित अपराध, रंगदारी और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता हाथ लगी है। क्राइम ब्रांच की एंटी गैंगस्टर स्क्वॉड (एजीएस) टीम ने राजस्थान पुलिस के सहयोग से कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक वांछित शूटर को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू (23 वर्ष), निवासी आगरा, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। आरोपी राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर संख्या 710/2025 और 416/25 में वांछित था। इन मामलों में उसके खिलाफ बीएनएस की कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज हैं।

जांच में सामने आया है कि मार्च 2025 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों ने राजस्थान के जवाहर नगर इलाके में रहने वाले एक व्यवसायी से चार करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की थी। जब व्यवसायी ने रकम देने से इनकार किया, तो गैंग के निर्देश पर प्रदीप उर्फ गोलू को फायरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई। मई 2025 में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर व्यवसायी के घर पर गोलीबारी की थी। इस घटना को लेकर जवाहर नगर थाना में एफआईआर संख्या 285/2025 दर्ज की गई थी, जिसमें बाद में आरोपी को गिरफ्तार किया गया, हालांकि वह जमानत पर बाहर आ गया था।

पुलिस के अनुसार, जमानत पर रिहा होने के बाद भी आरोपी ने आपराधिक गतिविधियां जारी रखीं और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों को अवैध हथियार और कारतूस की आपूर्ति करने लगा। इसी सिलसिले में गैंग के चार सदस्यों को बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में दर्ज एफआईआर संख्या 710/2025 में प्रदीप उर्फ गोलू को बरामद हथियारों का मुख्य स्रोत बताया गया है।

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में बढ़ते संगठित अपराध और गैंगवार की घटनाओं को देखते हुए क्राइम ब्रांच लगातार अंतरराज्यीय अपराधियों पर नजर बनाए हुए है। डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा के निर्देश पर एजीएस की विशेष टीम का गठन किया गया था।

विश्वसनीय सूचना के आधार पर 16 जनवरी को राजस्थान पुलिस के सहयोग से दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में छापेमारी की गई, जहां से प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद उसे आगे की जांच के लिए राजस्थान पुलिस को सौंप दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले भी राजस्थान के श्रीगंगानगर क्षेत्र में फायरिंग की घटनाओं में शामिल रहा है और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निर्देश पर व्यवसायियों को निशाना बनाता रहा है। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है और गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

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