सौंदर्यीकरण घोटाले की जांच के बजाय निर्माण तोड़ने पर उठे सवाल, भाकपा माले की शिकायत के बाद काम रुका

Shashi Bhushan Kumar

चिरकुंडा नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शहीद चौक के सौंदर्यीकरण कार्य में अनियमितताओं के आरोपों के बीच जांच कराने के बजाय निर्माण को तोड़े जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से जांच शुरू होने से पहले ही तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई।

भाकपा (माले) ने शहीद चौक के सौंदर्यीकरण कार्य में भारी वित्तीय गड़बड़ी और घटिया निर्माण गुणवत्ता के आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। प्रशासन की ओर से जांच का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जांच प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही मौके पर निर्माण को हटाने का काम शुरू कर दिया गया।

आरोप है कि जेसीआई (JCI) के माध्यम से पुनर्निर्माण के नाम पर पुराने निर्माण को तोड़ा जा रहा था, ताकि पूर्व में हुए कार्य से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के प्रमाण सामने न आ सकें। भाकपा (माले) नेताओं का कहना है कि बिना निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराए इस तरह की तोड़फोड़ साक्ष्य नष्ट करने की सोची-समझी कोशिश है।

मामले को लेकर भाकपा (माले) की ओर से लिखित शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है। इस पूरे घटनाक्रम से क्षेत्र में चर्चा और असंतोष का माहौल है। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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