अंश और अंशिका के अपहरणकर्ताओं के बंगाल के बच्चा चोर गिरोह से जुड़े तार, पुलिस की कार्रवाई तेज

Shashi Bhushan Kumar

राजधानी रांची से लापता हुए बच्चे अंश और अंशिका के अपहरण मामले में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया है कि दोनों बच्चों के अपहरण में शामिल दंपत्ति का संपर्क बंगाल और बिहार में सक्रिय बच्चा चोर गिरोह से था। फिलहाल दोनों आरोपी रांची पुलिस की रिमांड पर हैं और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, अपहरण में शामिल पति-पत्नी ने पूछताछ के दौरान एक बड़े मानव तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा किया है, जिसका दायरा झारखंड से बाहर तक फैला हुआ है। इस मामले में अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी की सूचना है, वहीं कुछ अन्य लापता बच्चों को भी पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क को लेकर रविवार शाम या सोमवार को बड़ा खुलासा किया जा सकता है।

रिमांड पर गहन पूछताछ जारी
जगन्नाथपुर मौसीबाड़ी खटाल से अगवा किए गए अंश और अंशिका की बरामदगी के बाद जेल में बंद आरोपी दंपत्ति सोनी कुमारी और नव खेरवार उर्फ सूर्य को धुर्वा पुलिस पांच दिन की रिमांड पर थाना लाई है। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया है कि वे बच्चों को अगवा कर बंगाल या बिहार में बेचने की योजना बना रहे थे। आरोपियों ने अपने गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी पुलिस को बताए हैं।

हटिया डीएसपी प्रमोद मिश्रा ने बताया कि, “दोनों अपहरणकर्ता पुलिस रिमांड पर हैं। पूछताछ के दौरान जो भी नए तथ्य सामने आ रहे हैं, उनके आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।”

क्या है पूरा मामला
इस संबंध में धुर्वा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका था। इसी बीच बीते बुधवार को रामगढ़ के चितरपुर इलाके में एक युवक ने बच्चों को देखा और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद किया और आरोपी दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया।

पांच महीने से रांची में रह रहे थे आरोपी
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दंपत्ति पिछले पांच महीनों से रांची में रह रहा था। वे धुर्वा स्मार्ट सिटी जाने वाले मार्ग पर गुलगुलिया समुदाय के बीच डेरा जमाए हुए थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों बच्चे की तलाश में अलग-अलग इलाकों में घूमते थे और गुब्बारे बेचने के बहाने रेकी करते थे। अपहरण के बाद आरोपी हटिया क्षेत्र में ही रुके रहे, लेकिन पुलिस की सक्रियता बढ़ने पर बच्चों को लेकर रामगढ़ फरार हो गए थे। बाद में बिहार भागने की योजना थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।

पुलिस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए अंतरराज्यीय गिरोह पर शिकंजा कसने में जुटी है।

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