RANCHI
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मंगलवार को रांची में रक्षा सम्पदा उप-कार्यालय के नवनिर्मित कार्यालय का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने इसे झारखंड के प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल बताया।
राज्यपाल ने कहा कि अब तक झारखंड के जिलों और सैन्य स्टेशनों से जुड़ी रक्षा भूमि का प्रबंधन बिहार के दानापुर कार्यालय से किया जाता था, जिससे भौगोलिक दूरी और व्यापक क्षेत्र के कारण कई व्यावहारिक कठिनाइयाँ सामने आती थीं। रांची में उप-कार्यालय के शुरू होने से रक्षा भूमि से जुड़े मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर अधिक तेजी, पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ किया जा सकेगा। इससे राज्य प्रशासन और रक्षा संस्थानों के बीच समन्वय भी और सशक्त होगा।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, अनुशासन और त्याग की सराहना करते हुए कहा कि देश के सैनिक न केवल सीमाओं की सुरक्षा करते हैं, बल्कि आपदा की घड़ी में भी सबसे आगे खड़े नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि जब आम नागरिक सुरक्षित जीवन जीते हैं, तब हमारे जवान कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा में तैनात रहते हैं। राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण और सेवा भावना अतुलनीय है।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि भारत सदैव शांति और मानवता का समर्थक रहा है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर अपनी सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना भी भली-भांति जानता है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारतीय सेना ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्रीय सुरक्षा और सैनिकों के कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है, वहीं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के तहत रक्षा क्षेत्र में हो रहे प्रयासों से देश की सैन्य क्षमता लगातार मजबूत हो रही है।
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने रक्षा सम्पदा उप-कार्यालय की स्थापना के लिए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा मंत्रालय की टीम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यालय भविष्य में राष्ट्र सेवा, सैनिक कल्याण और रक्षा भूमि प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

