CHIRKUNDA
चिरकुंडा नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार और जनहित से जुड़ी मांगों को लेकर भाकपा (माले) लिबरेशन द्वारा किया जा रहा आमरण अनशन शुक्रवार को प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। प्रशासन ने नगर परिषद से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच समिति के गठन का आदेश जारी किया है।

नगर परिषद प्रशासन की ओर से लिखित आदेश जारी होने के बाद अनशन पर बैठे पार्टी संयोजक श्रीकांत सिंह, संतु चटर्जी और कल्याण राय को अधिकारियों ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नगर परिषद के अधिकारी मौजूद रहे।
चिरकुंडा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा जारी कार्यालय आदेश (ज्ञापांक 61, दिनांक 16 जनवरी 2026) के अनुसार, कार्यपालक अभियंता बेनीलाल मरांडी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच समिति का गठन किया गया है। समिति को नगर परिषद से जुड़े विभिन्न मामलों की जांच का दायित्व सौंपा गया है।
जांच समिति को डीजल आपूर्ति से जुड़े कथित अनियमितता के मामले, चेयरमैन डब्ल्यू बाउरी के वाहन में डीजल आपूर्ति की जांच, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चेयरमैन की माता के नाम पर आवंटित आवास राशि की उच्चस्तरीय जांच, नेहरू मोड़, शहीद चौक और चढ़ाई चौक से संबंधित सौंदर्यीकरण एवं विकास योजनाओं की जांच, साथ ही नगर परिषद क्षेत्र के चार तालाबों की सफाई और सौंदर्यीकरण कार्यों में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच सौंपी गई है।
प्रशासनिक आदेश के तहत डीजल आपूर्ति और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े मामलों पर समिति को 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अन्य मामलों पर भी शीघ्र रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
भाकपा (माले) लिबरेशन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने समिति गठन को जनदबाव की जीत बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पार्टी ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

