राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार–झारखंड में सक्रिय रहे और लंबे समय से फरार कुख्यात नक्सली चंदन कुमार को मुंबई से गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। एनआईए ने इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई वर्ष 2021 में दर्ज सीपीआई (माओवादी) मगध षड्यंत्र केस में अहम मानी जा रही है। एजेंसी के अनुसार, चंदन कुमार पिछले कई वर्षों से जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
एनआईए के मुताबिक, आरोपी चंदन कुमार बिहार के जहानाबाद जिले का निवासी है और प्रतिबंधित नक्सली संगठन CPI (Maoist) का सक्रिय सदस्य रहा है। वर्ष 2021 से वह लगातार फरार था और संगठन के लिए भूमिगत रहकर काम कर रहा था। जांच में यह सामने आया है कि चंदन न केवल संगठन की गतिविधियों में शामिल था, बल्कि माओवादी संगठन के वित्तीय नेटवर्क को मजबूत करने में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। वह नक्सलियों के लिए धन जुटाने, उसे सुरक्षित रखने और जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल कराने में सक्रिय रूप से लगा हुआ था।
यह मामला दिसंबर 2021 में दर्ज किया गया था, जिसका आरसी नंबर RC-05/2021/NIA/Ranchi है। इस केस में पहले ही कई नक्सलियों को आरोपी बनाया जा चुका है, जिनमें प्रद्युम्न शर्मा, सुनील भगत, अभय मांझी उर्फ गुड्डू और बिट्टू उर्फ योजनंद्र पासवान जैसे नाम शामिल हैं। एनआईए की विशेष अदालत ने चंदन कुमार को भगोड़ा घोषित कर रखा था और उसकी तलाश लगातार की जा रही थी।
एनआईए की जांच के अनुसार, यह पूरा षड्यंत्र मगध क्षेत्र में CPI (माओवादी) संगठन को दोबारा मजबूत करने और उसके प्रभाव क्षेत्र का विस्तार करने के उद्देश्य से रचा गया था। चंदन कुमार मगध जोनल कमेटी के जरिए संगठन को पुनर्गठित करने की साजिश में शामिल था। जांच में खुलासा हुआ है कि उसकी प्रमुख गतिविधियों में हथियारों का संग्रह और निर्माण, हथियारों का वितरण तथा स्थानीय नक्सली नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करना शामिल था।
एजेंसी ने यह भी बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए चंदन कुमार मजदूर के भेष में लंबे समय तक अलग-अलग जगहों पर छिपा रहा। इस दौरान वह सीधे सामने आए बिना अपने ग्राउंड वर्कर्स (GWs) के माध्यम से संगठन को निर्देश देता रहा। ये ग्राउंड वर्कर्स ग्रामीण इलाकों में लेवी वसूली, नई भर्ती और हथियारों की आपूर्ति जैसे कामों को अंजाम दे रहे थे। इस तरह चंदन भूमिगत रहते हुए भी माओवादी गतिविधियों को संचालित करता रहा।
एनआईए अधिकारियों का कहना है कि चंदन कुमार की गिरफ्तारी से बिहार और झारखंड में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। एजेंसी को उम्मीद है कि उससे पूछताछ के दौरान कई और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आएंगी, जिससे मगध जोन में सक्रिय नक्सली ढांचे और उसके समर्थकों को पूरी तरह बेनकाब किया जा सकेगा। एनआईए ने स्पष्ट किया है कि देश की आंतरिक सुरक्षा के खिलाफ साजिश रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगी।

