प्रयागराज। संगम तट पर आयोजित माघ मेले का दूसरा प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाया जाएगा। पौष पूर्णिमा स्नान पर्व के दौरान 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के सुरक्षित स्नान के बाद अब मेला प्रशासन मकर संक्रांति स्नान को लेकर पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है। प्रशासन की ओर से स्नान घाटों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
श्रद्धालुओं को अधिक पैदल न चलना पड़े, इसके लिए स्नान घाटों के समीप ही पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का अनुमान है कि मकर संक्रांति के अवसर पर एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे। बीते वर्ष माघ मेला 2024 में इस पर्व पर लगभग 29 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया था, जबकि इस बार तीन गुना से अधिक भीड़ की संभावना को देखते हुए व्यापक भीड़ प्रबंधन योजना तैयार की गई है।
माघ मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि भीड़ नियंत्रण और सुगम यातायात के लिए 42 अस्थायी पार्किंग स्थल विकसित किए गए हैं, जिनमें एक लाख से अधिक वाहनों के खड़े होने की क्षमता है। माघ मेला 2025-26 के लिए कुल 12,100 फीट लंबाई में स्नान घाटों का निर्माण किया गया है, जहां चेंजिंग रूम, पूल, कॉसा और शौचालय जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने बताया कि संगम क्षेत्र में गंगा नदी में पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कानपुर स्थित गंगा बैराज से प्रतिदिन 8,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रयागराज में नदियों में गिरने वाले सभी 81 नालों की टैपिंग पूरी कर ली गई है और गंगा जल की निरंतर निगरानी की जा रही है। शासन के निर्देशानुसार स्वच्छता, सुरक्षा और सुगम परिवहन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मेला प्रशासन द्वारा माघ मेले को खुले में शौच मुक्त, दुर्गंध मुक्त और गंगा में शून्य अपशिष्ट प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए लगभग 25,880 शौचालय, 11,000 डस्टबिन, 10 लाख से अधिक लाइनर बैग, 25 सक्शन मशीनें और 3,300 से अधिक सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की भी व्यवस्था की गई है।
माघ मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में 17 थाने, 42 पुलिस चौकियां, 20 अग्निशमन स्टेशन, 7 अग्निशमन चौकियां, 20 अग्निशमन वॉच टावर, एक जल पुलिस थाना, एक जल पुलिस कंट्रोल रूम और चार उप-कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा आठ किलोमीटर से अधिक डीप वाटर बैरिकेडिंग और दो किलोमीटर नदी मार्ग पर एकल दिशा व्यवस्था लागू की गई है।
सुरक्षा के मद्देनजर मेला क्षेत्र में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। नगर और मेला क्षेत्र में पहले से लगे सीसीटीवी कैमरों के अलावा एआई तकनीक से युक्त 400 से अधिक कैमरों के जरिए भीड़ की निगरानी, घनत्व विश्लेषण, घटना रिपोर्टिंग, स्वच्छता और सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है।

