सीबीआई ने 58 लाख की सीमा शुल्क धोखाधड़ी के मामले में घोषित अपराधी को दबोचा

Shashi Bhushan Kumar

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सीमा शुल्क विभाग से जुड़े करीब 58 लाख रुपये की धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में लंबे समय से फरार घोषित अपराधी सरित विज उर्फ शरत कुमार विज को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने गुरुवार को बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना देने वाले के लिए 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

सीबीआई के अनुसार, एजेंसी ने 1 जून 1999 को दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) में तैनात तत्कालीन अधीक्षक जोसेफ कुओक सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि सीमा शुल्क विभाग को करीब 58 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।

जांच में सामने आया कि सरित विज, मेसर्स पीएस इंटरनेशनल नामक फर्म का भागीदार था। फर्म पर फर्जी ड्यूटी ड्रॉबैक दावों के जरिए लगभग 19 लाख रुपये की अवैध राशि प्राप्त करने की कोशिश का आरोप है। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने अन्य सह-आरोपियों के साथ उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।

हालांकि, वर्ष 2003 में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद सरित विज अदालत में पेश नहीं हुआ और लगातार फरार बना रहा। इसके बाद 30 जनवरी 2004 को अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया।

सीबीआई की आगे की जांच में पता चला कि आरोपी ने अपनी पहचान बदलकर सरत कुमार विज कर ली थी और नोएडा में रह रहा था। उसने कानून से बचने के लिए बदले हुए नाम से पैन कार्ड, आधार कार्ड और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज भी बनवा लिए थे।

तकनीकी विश्लेषण और जमीनी सत्यापन के आधार पर सीबीआई ने एक विशेष अभियान चलाया और 7 जनवरी 2026 को नोएडा स्थित उसके ठिकाने से उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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