RANCHI
प्रख्यात चिंतक, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ मयंक मुरारी को वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित आचार्य विद्यानिवास स्मृति सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान मकर संक्रांति के अवसर पर बनारस में आयोजित समारोह में दिया जाएगा।

इस संबंध में जानकारी देते हुए विद्याश्री न्यास के सचिव डॉ दयानिधि मिश्र ने बताया कि न्यास की सर्वसम्मत बैठक में डॉ मयंक मुरारी को इस सम्मान के लिए चयनित किया गया है। आगामी 13 जनवरी, आचार्य विद्यानिवास मिश्र की जयंती के अवसर पर यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।
डॉ दयानिधि मिश्र ने बताया कि इससे पूर्व यह सम्मान देश के कई प्रतिष्ठित साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों को दिया जा चुका है, जिनमें कृष्ण बिहारी मिश्र, अमृतलाल बेगड़, नंदकिशोर आचार्य, श्यामसुंदर दूबे, राजेंद्ररंजन चतुर्वेदी, उषा किरण खान और श्रीराम परिहार प्रमुख हैं।
डॉ मयंक मुरारी एक सक्रिय विचारक और लेखक हैं। उनका लेखन भारतीय जीवन, संस्कृति, इतिहास, परंपरा और विरासत के वैज्ञानिक विश्लेषण पर केंद्रित रहा है। वे प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा के उपयोगी पक्षों को वर्तमान सामाजिक और राष्ट्रीय संदर्भ में प्रस्तुत करने पर विशेष रूप से काम करते रहे हैं। पिछले 30 वर्षों में उन्होंने 20 से अधिक पुस्तकें और 700 से अधिक लेख, रिपोर्ट व आलेख देश की प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित किए हैं।
वर्तमान में डॉ मयंक मुरारी उषा मार्टिन में महाप्रबंधक (सीएसआर और पीआर) के रूप में कार्यरत हैं और बीते 15 वर्षों से ग्रामीण और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे सामाजिक जागरूकता के लिए विभिन्न मंचों से नियमित रूप से व्याख्यान भी देते हैं।
कई राष्ट्रीय सम्मानों से हो चुके हैं सम्मानित
झारखंड के चर्चित चिंतक और आदिवासी विषयों के लेखक डॉ मयंक मुरारी वर्ष 1991 से निरंतर लेखन, शोध और सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। साहित्य, मीडिया और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इनमें झारखंड विधानसभा का सृजनात्मक लेखन सम्मान, शब्दशिल्प सम्मान (जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल), तुलसी सारस्वत सम्मान, साहित्य अकादमी रामदयाल मुंडा कथेतर सम्मान, जयशंकर प्रसाद सम्मान, प्रभात खबर झारखंड गौरव सम्मान, विद्यावाचस्पति सम्मान, एक्सीलेंस इन विलेज डेवलपमेंट (टाइम्स ऑफ इंडिया) और झारखंड रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान शामिल हैं।

