ढाका: बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसक घटनाओं में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। ताज़ा मामलों में बीते 24 घंटे के भीतर अलग-अलग स्थानों पर दो हिंदू नागरिकों की हत्या की खबर सामने आई है, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय में भय और चिंता का माहौल है।
पहली घटना राजधानी ढाका के समीप नरसिंदी जिले की बताई जा रही है। यहां पलाश उपजिला के चारसिंदूर बाजार में किराना दुकान चलाने वाले 40 वर्षीय सरत चक्रवर्ती मणि पर सोमवार रात अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के लिए ले जाते समय उनकी मौत हो गई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हमलावरों की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है और मामले की जांच जारी है।
दूसरी घटना बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र जशोर जिले के मोनिरामपुर उपजिला से सामने आई है। यहां 38 वर्षीय कारोबारी राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया गया है कि वह कपालिया बाजार में बर्फ फैक्ट्री के संचालक थे और एक स्थानीय समाचार पत्र से भी जुड़े हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मोटरसाइकिल सवार हमलावर उन्हें फैक्ट्री से बाहर बुलाकर पास की गली में ले गए और नजदीक से गोली मारकर फरार हो गए।
मोनिरामपुर थाना पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के कारणों की जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों से हिंदू समुदाय पर हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे पहले भी अलग-अलग जिलों में गोलीबारी और भीड़ हिंसा की घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है। इन लगातार हो रही घटनाओं ने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

