कोडरमा जिले में आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच के क्रम में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झुमरीतिलैया स्थित एक प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल शोरूम पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई झुमरीतिलैया बाईपास रोड पर सीएम टॉवर के ग्राउंड फ्लोर में संचालित टाटा मोटर्स के मोटोजेन शोरूम में की गई, जिससे जिले के प्रशासनिक और कारोबारी हलकों में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसीबी की टीम बीती रात अचानक शोरूम पहुंची और कई घंटों तक गहन जांच अभियान चलाया। इस दौरान शोरूम में मौजूद वित्तीय दस्तावेजों, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजात की बारीकी से जांच की गई। छापेमारी के दौरान टीम ने आय के स्रोतों और संभावित अवैध लेन-देन से जुड़े कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके अलावा कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी एसीबी ने अपने कब्जे में ले लिए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि शोरूम के संचालक और निदेशक के खिलाफ पहले से ही आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है। इसी मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए यह छापेमारी की गई है। जांच एजेंसी को आशंका है कि शोरूम के माध्यम से बड़े पैमाने पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन किए गए हैं, जिनका सीधा संबंध अवैध कमाई से हो सकता है।
सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका को देखते हुए एसीबी ने मोटोजेन शोरूम को फिलहाल सील कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और सभी साक्ष्यों की जांच नहीं कर ली जाती, तब तक शोरूम सील ही रहेगा। इस कार्रवाई के कारण शोरूम में काम करने वाले कर्मचारियों और स्थानीय व्यापारियों में भी चिंता का माहौल देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले के तार झारखंड के चर्चित शराब घोटाले से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि शराब घोटाले में जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे से जुड़े नेटवर्क की भी इस केस में भूमिका की जांच की जा रही है। यही वजह है कि एसीबी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।
इसके साथ ही, मोटोजेन शोरूम के निदेशक स्मृधा सिंह से जुड़े अन्य ठिकानों पर भी एक साथ छापेमारी किए जाने की सूचना है। एसीबी की टीम अलग-अलग बिंदुओं पर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार और जांच एजेंसियों की सख्त नीति के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल, एसीबी की इस छापेमारी ने कोडरमा समेत पूरे राज्य में चर्चा और हलचल तेज कर दी है।

