RANCHI
रांची नगर निगम ने कर वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए शहर के 100 सबसे बड़े बकाएदारों की सूची जारी की है। निगम ने इन सभी संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, अस्पतालों, मॉल, होटल और आवासीय परिसरों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे सात दिनों के भीतर बकाया कर राशि का भुगतान सुनिश्चित करें।नगर निगम के अनुसार, इन बकाएदारों पर अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक का होल्डिंग टैक्स और अन्य नगर कर बकाया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं होने की स्थिति में निगम कानूनी कार्रवाई करेगा।

कानूनी प्रावधानों के तहत होगी कार्रवाई
नगर निगम ने चेतावनी दी है कि बकाया राशि जमा नहीं करने वाले बकाएदारों के खिलाफ झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 187(2), 512, 600 और 608 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अंतर्गत संपत्ति कुर्की, सीलिंग और अन्य वैधानिक कदम उठाए जा सकते हैं।
व्यावसायिक प्रतिष्ठान सबसे आगे
जारी सूची के अनुसार, सबसे अधिक बकाया वाणिज्यिक परिसरों, अस्पतालों, सिनेमा हॉल, होटल, हॉस्टल और बैंक्वेट हॉल पर है। कुछ प्रतिष्ठानों पर लाखों रुपये का टैक्स लंबित है, जिससे नगर निगम के राजस्व पर सीधा असर पड़ रहा है।
प्रमुख बकाएदारों में शामिल
निगम की सूची में हेल्थ प्वाइंट, प्रधान टावर, सिटी मॉल, कुमार गर्ल्स हॉस्टल, ट्वीन टावर, एलजी कॉम्प्लेक्स, मालाबार कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, कई अस्पताल, सिनेमा हॉल, शैक्षणिक संस्थान, होटल, रेस्टोरेंट और बैंक शामिल हैं। बकाया राशि 45 हजार रुपये से लेकर 6.60 लाख रुपये तक बताई गई है।
नगर निगम का स्पष्ट संदेश
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कर भुगतान से ही शहर की बुनियादी सुविधाओं—सड़क, नाली, सफाई, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सेवाओं—का संचालन संभव है। लंबे समय से टैक्स नहीं देने वाले बड़े बकाएदारों के खिलाफ अब किसी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी।
भुगतान की अपील
निगम ने सभी चिन्हित बकाएदारों से अपील की है कि वे नोटिस की अवधि के भीतर बकाया कर जमा कर अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से बचें। साथ ही आम नागरिकों और व्यापारियों से भी समय पर टैक्स भुगतान कर शहर के विकास में सहयोग करने की अपील की गई है।
नगर निगम की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में कर वसूली अभियान को और तेज कर सकती है, जिससे शहर के राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।

