जामताड़ा में ज्वेलरी दुकान में हुई सनसनीखेज डकैती के दौरान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल अमन बर्मन का हालचाल जानने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी दुर्गापुर पहुंचे। उन्होंने अपना दिल्ली प्रवास रद्द कर पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित मिशन हॉस्पिटल में भर्ती अमन से मुलाकात की। मंत्री के अचानक अस्पताल पहुंचने की खबर से परिजनों में उम्मीद की किरण जगी, वहीं अमन बर्मन मंत्री को देखकर भावुक हो गए।
अस्पताल के आईसीयू में अमन से मुलाकात के दौरान उन्होंने कांपते हाथों से मंत्री का हाथ थामते हुए मदद की गुहार लगाई। इस पर डॉ. इरफान अंसारी ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है और इलाज में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। मंत्री के आश्वासन के बाद अमन के चेहरे पर डर की जगह उम्मीद और साहस साफ झलकने लगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने इसके बाद अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों और विशेषज्ञों की पूरी टीम के साथ बैठक की। उन्होंने अमन की मेडिकल रिपोर्ट का गहन अध्ययन किया और डॉक्टरों से इलाज की हर प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। डॉ. अंसारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपचार पूरी गंभीरता, सतर्कता और सर्वोत्तम चिकित्सा मानकों के अनुसार किया जाए। उन्होंने कहा कि मरीज की जान बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस दौरान अमन के पिता अजित बर्मन और अन्य परिजन भी मंत्री से मिले। बेटे की हालत देखकर वे भावुक हो उठे और हाथ जोड़कर उसकी जान बचाने की अपील की। परिजनों को सांत्वना देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनके रहते किसी की जान जाने नहीं दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इलाज से जुड़ी हर जरूरत को पूरा करेगी और आर्थिक या प्रशासनिक स्तर पर कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।
डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल अमन बर्मन की स्थिति खतरे से बाहर है, जो एक राहत की बात है। हालांकि गोली लगने के कारण पैर के निचले हिस्से में मूवमेंट नहीं होना चिकित्सकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। डॉक्टरों ने बताया कि आगे की स्थिति विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट और जांच के बाद स्पष्ट होगी। आवश्यकता पड़ने पर बेहतर और उन्नत इलाज के लिए अमन को किसी बड़े चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की भी तैयारी रखी गई है।
अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों और अमन के परिजनों ने कहा कि किसी मंत्री का स्वयं अस्पताल पहुंचकर परिवार के सदस्य की तरह मरीज की देखभाल करना उनके लिए भरोसे और हौसले का बड़ा कारण है। स्वास्थ्य मंत्री की इस संवेदनशील पहल से न केवल अमन और उसके परिवार को संबल मिला है, बल्कि आम लोगों में भी यह संदेश गया है कि संकट की घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।

