जेप्टो को वित्त वर्ष 2025 में 177 प्रतिशत का भारी नुकसान, बिक्री में दोगुने से ज्यादा की बढ़त

Shashi Bhushan Kumar

मुंबई, 26 दिसंबर (लाइव 7 टीवी )। क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो को वित्त वर्ष 2024-25 में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा, जबकि उसकी बिक्री में दोगुने से अधिक की बढ़ोतरी हुई।

कंपनी के मुताबिक, जेप्टो ने इस साल 9,668.8 करोड़ रुपए की कुल बिक्री दर्ज की, जो पिछले वित्त वर्ष 2024 की 4,223.9 करोड़ रुपए की बिक्री से लगभग 129 प्रतिशत ज्यादा है। इसका मतलब है कि लोग जेप्टो से पहले की तुलना में कहीं ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं।

जहां एक तरफ बिक्री बढ़ी, वहीं दूसरी तरफ जेप्टो का नुकसान (घाटा) भी बहुत बढ़ गया। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी को 3,367.3 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इसके पिछले वित्त वर्ष 2024 में यह नुकसान 1,214.7 करोड़ रुपए था। यानी कंपनी का नुकसान लगभग 177 प्रतिशत बढ़ गया।

जेप्टो अपने कारोबार को फैलाने के लिए बहुत ज्यादा खर्च कर रही है। कंपनी नए डार्क स्टोर (छोटे गोदाम), तेज डिलीवरी और ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए भारी छूट और ऑफर दे रही है, जिस वजह से कंपनी को बड़ा नुकसान हो रहा है।

वित्त वर्ष 2025 में जेप्टो का नुकसान उसकी कुल बिक्री का लगभग 35 प्रतिशत रहा। वहीं, वित्त वर्ष 2024 में यह आंकड़ा करीब 29 प्रतिशत था। इसका मतलब है कि कंपनी जितनी ज्यादा बिक्री कर रही है, उतना ही ज्यादा खर्च भी कर रही है।

क्विक कॉमर्स कंपनियां अपनी कुल बिक्री का पूरा पैसा कमाई के रूप में नहीं गिनतीं। आमतौर पर कंपनी केवल 15 से 20 प्रतिशत को ही असली कमाई मानती है। इस हिसाब से जेप्टो की असली कमाई वित्त वर्ष 2025 में लगभग 1,495 से 1,994 करोड़ रुपए के बीच मानी जा रही है।

वित्त वर्ष 2025 के बाद और वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत में प्रतिस्पर्धा और भी तेज हो गई। सभी बड़ी कंपनियां नए स्टोर खोल रही हैं, डिलीवरी तेज कर रही हैं और ग्राहकों को ज्यादा छूट दे रही हैं। जेप्टो द्वारा 45 करोड़ डॉलर का निवेश जुटाने के बाद कंपटीशन और भी बढ़ गया, जिससे दूसरी प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने भी अपनी योजनाएं तेज कर दीं।

इस क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि मांग में तेजी से वृद्धि के बावजूद इस फेज ने मार्जिन पर भारी दबाव बनाए रखा है।

वित्त वर्ष 2025 का यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है, जब जेप्टो शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी 26 दिसंबर को अपने आईपीओ से जुड़े कागजात यानी आईपीओ ड्राफ्ट पेपर गुप्त रूप से जमा करेगी।

इसके साथ ही कंपनी के संस्थापक आदित पालिचा, कैवल्य वोहरा और मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) रमेश बाफना को कंपनी का पूर्णकालिक निदेशक बनाया गया है।

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