PESA नियमावली की मंज़ूरी जनजातीय स्वशासन की ऐतिहासिक जीत : दीपिका पांडेय सिंह

Ravikant Upadhyay

रांची। झारखंड में पेसा (Panchayat Extension to Scheduled Areas) नियमावली को कैबिनेट से मंज़ूरी मिलने के बाद राज्य की राजनीति और आदिवासी समाज में इसे एक ऐतिहासिक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने इसे जनजातीय स्वशासन की दिशा में एक निर्णायक और क्रांतिकारी कदम बताया है। इसी क्रम में उन्होंने आज जनजातीय एवं आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से मुलाक़ात की, जहां इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पेसा नियमावली केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आदिवासी और जनजातीय समाज को संविधान प्रदत्त अधिकारों का वास्तविक अनुभव कराने वाला ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि पेसा के माध्यम से ग्राम सभाओं को जल, जंगल, ज़मीन और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्णय लेने का अधिकार मिलेगा, जिससे आदिवासी समाज आत्मनिर्भर बनेगा और लोकतंत्र की जड़ें और अधिक मज़बूत होंगी।

मंत्री ने कहा कि पेसा नियमावली आदिवासी समाज को सम्मान और स्वशासन की संवैधानिक गारंटी प्रदान करती है। यह वर्षों से चली आ रही उस मांग को पूरा करती है, जिसमें आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय निर्णय स्थानीय लोगों के हाथों में देने की बात कही जाती रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेसा लागू होने से ग्राम सभा केवल एक औपचारिक संस्था नहीं रहेगी, बल्कि वह विकास, संसाधनों के उपयोग और सामाजिक न्याय का केंद्र बनेगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व की सराहना करते हुए दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि उनका नेतृत्व आदिवासी अस्मिता, परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने वाला नेतृत्व है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय दिखाता है कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के अधिकारों को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है। जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए इस फैसले को झारखंड के लोकतांत्रिक इतिहास में एक मील का पत्थर बताया।

मुलाक़ात के दौरान आदिवासी प्रतिनिधियों ने कहा कि पेसा नियमावली से गांवों में पारदर्शिता बढ़ेगी और विकास योजनाओं में स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता मिलेगी। इससे न केवल प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में विश्वास का माहौल भी बनेगा।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने विश्वास जताया कि पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन से पंचायत व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि नियमावली का लाभ ज़मीनी स्तर तक पहुंचे और ग्राम सभाओं को उनके अधिकारों के प्रयोग के लिए हर आवश्यक सहयोग दिया जाए।

अंत में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पेसा नियमावली झारखंड के आदिवासी समाज के लिए एक नई शुरुआत है। यह निर्णय न केवल स्वशासन को मजबूती देगा, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास की दिशा और दशा दोनों को बदलने का काम करेगा।

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