झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक अभियान तेज, चाईबासा बना सबसे बड़ा केंद्र

Ravikant Upadhyay

रांची। झारखंड को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा लगातार बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस को लगातार सफलता भी मिल रही है। फिलहाल झारखंड पुलिस का सबसे बड़ा फोकस पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा क्षेत्र पर है, जहां भाकपा माओवादी संगठन के कई खूंखार और इनामी नक्सलियों के छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिली है। इस इलाके में इस समय दो एक-एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली भी सक्रिय बताए जा रहे हैं।

झारखंड पुलिस के आईजी अभियान माइकलराज एस ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक नक्सलियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाए गए हैं, जिनमें कई नक्सलियों को मार गिराया गया है। उन्होंने कहा कि चाईबासा क्षेत्र में बड़ी संख्या में नक्सली छिपे हुए हैं, जिनमें करीब 65 हार्डकोर नक्सली शामिल हैं। इनमें से दो नक्सली ऐसे हैं, जिन पर सरकार ने एक-एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। इसके अलावा बोकारो, चतरा और लातेहार जैसे जिलों में भी कुछ नक्सली बचे हुए हैं, जो अब संगठित नक्सल दस्तों की जगह क्रिमिनल गैंग के रूप में गतिविधियां चला रहे हैं। इन सभी के खिलाफ भी लगातार ऑपरेशन जारी है।

चाईबासा में चल रहे अभियान में झारखंड पुलिस, झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ के जवान संयुक्त रूप से मोर्चा संभाले हुए हैं। सुरक्षा बलों को खुफिया एजेंसियों से लगातार इनपुट मिल रहा है, जिसके आधार पर जंगलों में सर्च ऑपरेशन, घेराबंदी और दबिश की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इस समय पुलिस का सबसे बड़ा टारगेट भाकपा माओवादी का कुख्यात नेता और केंद्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा बना हुआ है, जिस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित है। इसके साथ ही एक अन्य केंद्रीय कमेटी सदस्य अनल भी एक करोड़ का इनामी नक्सली बताया गया है।

राज्य की प्रभारी डीजीपी तदाशा मिश्रा ने हाल ही में चाईबासा का दौरा कर नक्सल अभियान की समीक्षा की थी और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए थे। इसके बाद नक्सल विरोधी अभियान को और अधिक धार दी गई है। वर्ष 2025 में अब तक हुए अभियानों में 34 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है, जबकि 370 नक्सलियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसके अलावा 30 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया है, जिसे पुलिस अपनी बड़ी सफलता मान रही है।

केंद्र सरकार भी देश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए राज्यों पर लगातार दबाव बना रही है। इसी क्रम में झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार द्वारा भी नक्सलियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जिस तरह से कार्रवाई आगे बढ़ रही है, उससे आने वाले समय में चाईबासा को पूरी तरह नक्सल मुक्त कर लिया जाएगा

नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ सरकार विकास कार्यों और पुनर्वास योजनाओं पर भी जोर दे रही है, ताकि स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। फिलहाल चाईबासा और आसपास के जंगलों में सुरक्षा बलों की चौकसी लगातार बनी हुई है और नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का दौर जारी है।

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