RANCHI
Gas Cylinder Supply-देश भर से साथ ही झारखंड में भी गैस संकट की आहट सुनाई दे रही है। राज्य में कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई में 80 प्रतिशत की कटौती दी गई है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ेगी और सरकार को राजस्व का नुकसान होगा।
केंद्र सरकार ने झारखंड को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति में 80 प्रतिशत की कटौती की है। झारखंड विधानसभा में सोमवार को संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इसकी जानकारी दी।
गैस सिलेंडर को लेकर परेशानी बढ़ेगी
सदन में संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि झारखंड में कॉमर्शियल और डोमेस्टिक गैस की डिलीवरी में परेशानी उत्पन्न हुई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की तेल कंपनियों की ओर से घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रिफिलिंग की अवधि भी बढ़ा दी गई है। शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग की अवधि 15 दिन से बढ़कर 25 दिन कर दिया गया और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग अवधि 45 दिन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच जो युद्ध की स्थिति उत्पन्न हुई है, उसका प्रभाव पड़ रहा है। आने वाले दिनों में भी परेशानी बढ़ने वाली है।
गैस बुकिंग के बाद अब तीन-चार दिनों में आपूर्ति
राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि राज्य के वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों की गैस कंपनी के साथ अधिकारियों के साथ बात हुई है। गैस कंपनी के अधिकारियों के जो जानकारी प्राप्त हुई कि उसके अनुसार राज्य में पहले गैस बुकिंग के लिए 48 घंटे के अंदर गैस सिलेंडर की आपूर्ति हो जाती थी। परंतु समस्या के कारण अब तीन चार दिन लग जा रहा है।
पेंडिंग रिफिल की संख्या 3 लाख 27 हजार
वित्त मंत्री ने बताया कि झारखंड में 16 मार्च 2026 तक गैस आपूर्ति के बारे में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पैट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम की ओर जानकारी दी गई है। इसके अनुसार गैस आपूर्ति में पेंडिंग रिफिल की संख्या 3 लाख 27 हजार 630 बै। 13 मार्च 2026 को भारत सरकार के साथ झारखंड राज्य के संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई थी। जिसमें कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति 80 प्रतिशत कम कर 20 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया है।
प्रति माह लगभग 2273 मीट्रिक टन कमर्शियल गैस सिलेंडर की जरूरत
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि झारखंड में औसतन प्रति माह लगभग 2273 मीट्रिक टन कॉमर्शियल गैस की जरूरत होती है, लेकिन अब उसमें 80 प्रतिशत कटौती की जा रही है और मात्र 20 प्रतिशत की आपूर्ति की जा रही है। इससे यह प्रभाव पड़ेगा की कॉमर्शियल सिलेंडर की कुल आवश्यकता 2271.11 मेट्रिक टन के विरुद्ध मात्र 454.6 मेट्रिक टन कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति होगी।
झारखंड के मिलने वाले राजस्व में कमी आने की आशंका
उन्होंने बताया कि झारखंड में रांची, बोकारो धनबाद, रामगढ़, जमशेदपुर समेत कई शहरों में औद्योगिक संस्थानों में कैंटिन है। इसके अलावा शहरों में होटल और रेस्तरां भी संचालित है। वहां कॉमर्शियल गैस नहीं खाना बनता है लेकिन रेस्टोरेंट में भी इसकी आवश्यकता पड़ती है कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति जो काम की गई है। उन्होंने कहा कि यह काफी चिंता के विषय हैं। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी से होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हो जाएगा। इससे एक तरफ जहां लोगों को परेशानी होगी, वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार को जीएसटी के माध्यम से मिलने वाली राजस्व में भी कमी आएगी और राजस्व राजस्थान नुकसान होगा।

