लखनऊ: उत्तर प्रदेश में महिला यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। राज्य के 640 स्टेशनों पर महिलाओं के लिए कुल 1,680 नए शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। इस पहल से खासकर छोटे और ग्रामीण इलाकों से यात्रा करने वाली महिलाओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने इस योजना की जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम महिलाओं के स्वास्थ्य और गरिमा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने रेलवे विभाग द्वारा इस दिशा में योजना तैयार करने की सराहना करते हुए कहा कि साफ-सुथरे शौचालय महिलाओं के लिए बुनियादी आवश्यकता हैं, क्योंकि अस्वच्छ शौचालय कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण को लेकर देश में नई जागरूकता आई है और विभिन्न विभाग अब महिलाओं से जुड़ी सुविधाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
बताया गया कि रेलवे स्टेशनों पर महिलाओं के लिए पर्याप्त शौचालयों की कमी लंबे समय से चिंता का विषय रही है। इस मुद्दे को दैनिक यात्री संघ ने भी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष उठाया था, जिसके बाद रेलवे ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न मंडलों के स्टेशनों को इस योजना में शामिल किया।
इस पहल के तहत उत्तर रेलवे के लखनऊ और मुरादाबाद मंडल, पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ, इज्जतनगर और वाराणसी मंडल तथा उत्तर मध्य रेलवे के आगरा, झांसी और प्रयागराज मंडल को चुना गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बड़े स्टेशनों पर पहले से ही शौचालय उपलब्ध हैं, लेकिन छोटे और ग्रामीण स्टेशनों पर महिलाओं को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।
नए शौचालयों के निर्माण से हजारों महिला यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक सुविधा मिलेगी। यह कदम न केवल उनके स्वास्थ्य की रक्षा करेगा, बल्कि उनकी यात्रा को भी अधिक आरामदायक और भरोसेमंद बनाएगा।

