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सनसनी नहीं, सटीक खबर

अग्निपथ योजना को लेकर छात्रों मे आक्रोश पटना, गया,बेगूसराय सहित कई जिलों मे हंगामा।।

4 साल की नौकरी के बाद सैनिको के भविष्य पर सवाल, क्या फैसला लेगी अब सरकार?

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सरकार के द्वारा लाये गए अग्निपथ योजना को लेकर लगातार छात्रों द्वारा विरोध जारी है। अग्नीपथ स्कीम को लेकर आज दूसरे दिन गुरुवार को पटना-गया रेलखंड,पटना- पीडीडीयू रेलखंड, गया-क्यूल रेलखंड और छपरा-सिवान रेलखंड पर युवाओं ने ट्रेनों का परिचालन रोका और जमकर हंगामा किया है।

 

छपरा, सिवान,बक्सर,आरा,नवादा और जहानाबाद जैसे जगहो पर रेलवे स्टेशन और रेलवे ट्रैक पर युवाओं ने प्रदर्शन किया और इसके साथ ही सिवान,अरवल सहित कई शहरों में हंगामा किया गया।अग्नीपथ योजना को लेकर के जहां पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के काफिले पर भी हंगामे के दौरान पथराव किया गया तो वही बेगूसराय के साथ-साथ पटना, भागलपुर, बक्सर मुजफ्फरपुर और कई शहरों में इसे लेकर हंगामा होता नजर आ रहा है।

 

सेना की तैयारी करने वाले युवा प्रदर्शन में लगे हैं और ट्रेनों का परिचालन रोक आर्मी बहाली को लेकर हंगामा कर रहे है। वही एक ओर प्रशासन इस पुरे हंगामे को शांत करवाने मे लगी है। गुरुवार की सुबह सैकड़ों की संख्या में युवक किला मैदान में एकत्रित हो गए और जुलूस के रूप में नारे लगाते हुए स्टेशन की ओर चलते दिखे युवाओं ने लगातार दूसरे दिन बक्सर में रेल ट्रैक जाम कर हंगामा किया।

 

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छपरा जंक्शन के करीब 12 गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई है,साथ ही 3 ट्रेनों को फुकने की खबर सामने आ रही है। जिसके बाद स्टेशन पर अफरा- तफरी का माहौल बन चुका है साथ ही प्रदर्शन के कारण रेल यातायात पूरी तरह से प्रभावित हुआ है।

 

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उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए आरा पुलिस के द्वारा आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया जा रहा है साथ ही कैमूर में भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर खड़ी भभुआ पटना इंटरसिटी ट्रेन में भी छात्रों ने आग लगा दी है। आज सुबह से ही छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं यह दूसरे दिन युवाओं का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।

 

जिस तरीके से सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत सैनिकों की बहाली करने का सोचा है,लेकिन इस बहाली को लेकर के छात्र अब सड़कों पर आने लगे हैं, क्योंकी अगर इस तरह से बहाली होती है,तो सिर्फ 4 साल के लिए उन्हें नौकरी मिलेगी 4 सालों के बाद इन सभी के भविष्य के साथ खेलवार होना है। सरकार ने 4 साल बाद 25% सैनिको को तो काडरो मे भर्ती करने का फैसला लिया है पर बाकि के 75% सैनिको के भविष्य का क्या?

 

अब इसे लेकर देखना यह होगा की छात्रो द्वारा विरोध प्रदर्शन के बाद क्या कुछ फैसला सरकार द्वारा दिया जाता है, क्या सरकार अपने फैसले को बदलेगी या फिर इस योजना पर कार्य करना शुरू करेगी।

 

 

 

 

 

 

 

 

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