Live 7 Bharat
जनता की आवाज

क्या नेपाल में फिर से राजशाही यानी राजतन्त्र की वापसी होगी ?

- Sponsored -

न्यूज़ डेस्क

 

नेपाल में राजशाही यानी राजतन्त्र की मांग तेज हो गई है। हालांकि राजतन्त्र की मांग काफी समय से की जारी है लेकिन इधर राजतन्त्र समर्थक कुछ ज्यादा ही सक्रिय हो गए हैं। राजधानी काठमंडू में राजतन्त्र को लेकर लगातार जनता सड़कों पर उतर रही है। गुरुवार को भी बड़ी संख्या में लोग हाथों तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे और राजशक्ति की मांग की। इस भीड़ में बड़ी संख्या में महिलाये और बच्चे भी शामिल थे। सभी एक ही नारे लगा रहे थे कि राजशाही वापस हो।

- Sponsored -

गुरुवार को कठंडु में जो नजारा देखा गया वह अजूबा था। इससे पहले इतनी राजतन्त्र की मांग को लेकर काठमांडू में नहीं उमड़ी थी। हालत ये हो गई कि कई जगहों पर पुलिस और पब्लिक के बीच तीखी झड़पे भी हुई और पुलिस को भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। जानकारी के मुताबिक पुलिस और पब्लिक के बीच हुई झड़प में 30  लोग भी घायल हुए हैं जबकि पांच पुलिस कर्मी गंभीर रूप से घायल बताये जा रहे हैं।

- Sponsored -

इस बीच जनता के मूड को देखते हुए सेना को भी सतर्क कर दिया गया है। राजतंत्र के समर्थन में जो लोग सड़को पर उतरे हैं उसकी अगुवाई दुर्गा परसाई कर रहे हैं जो एक कारोबारी है और पहले वे माओवादी भी रह चुके हैं। परसाई ने कहा है कि यह लोकतंत्र महंगा है और इस संघीय लोकतंत्र को ख़त्म करने की जरूरत है। खबर के मुताबिक आंदोलन के दौरान परसाई का सामना के पी ओली के समर्थकों से हुई और दोनों गुटों के बीच झड़पे भी हुई है। परसाई का यह आंदोलन अब धीरे -धीरे पूरे  नेपाल में पहुँच रहा है इसके साथ ही भारत में भी इस आंदोलन की गूंज सुनाई पड़ रही है।

 

जानकारी के मुताबिक नेपाल के लोग मौजूदा गणतंत्र से ऊब से गए हैं। हालांकि इस बात की कोई जानकारी अभी नहीं है कि गणतंत्र से कितने प्रतिशत लोग ऊब गए हैं। लेकिन मजे की बात है कि नेपाल में राजशाही को वापस लाने की मांग जितने संगठन कर रहे हैं उनके अधिकतर  आंदोलन का नेतृत्व हिन्दू नेता ही कर रहे हैं। खबर ये भी है कि इन नेताओं के चीन से भी गहरा सम्बन्ध है और चीन के उकसावे पर ही राजशाही की मांग की जा रही है।

 

हालांकि इस पुरे मामले पर नेपाल की सरकार अभी मौन है साथ ही भारत भी इस पूरी स्थिति पर नजर लगाए बैठा है। नेपाल में क्या कुछ होता है इसे देखने की बात होगी क्योंकि नेपाल भारत का सबसे करीबी देश है और वहां की कोई भी घटना भारत को प्रभावित करती रही है।
Looks like you have blocked notifications!

- Sponsored -

- Sponsored -

Comments are closed.

Breaking News: