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व्हाट्सऐप ने शुरू किया नए आईटी नियम का अनुपालन , 30 लाख से ज्यादा अकाउंट किए बैन

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नई दिल्ली : फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सऐप ने अब नए आईटी नियम का अनुपालन शुरू कर दिया है। कंपनी ने पिछले महीने अपनी पहली मासिक सुरक्षा रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में, व्हाट्सऐप ने खुलासा किया कि उसने 15 मई से 15 जून के बीच भारत में कम से कम दो मिलियन अकाउंट को बैन किया है। अब, दूसरी रिपोर्ट आई है जिसके अनुसार व्हाट्सऐप ने 45 दिनों के भीतर भारत में 30 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगा दिया है। व्हाट्सऐप ने भारत में 16 जून से 31 जुलाई तक केवल 46 दिनों के भीतर 3,027,000 खातों को बैन कर दिया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक भारतीय अकाउंट की पहचान +91 फोन नंबर के जरिए की जाती है। इससे पहले, व्हाट्सऐप ने कहा है कि 95% से ज्यादा बैन ऑटोमेटेड या बल्क मैसेजिंग (स्पैम) के गलत इस्तेमाल करने की वजह से हैं। व्हाट्सऐप द्वारा अपने प्लेटफॉर्म पर दुरुपयोग को रोकने के लिए ग्लोबल एवरेज अकाउंट की संख्या प्रति माह लगभग 8 मिलियन अकाउंट हैं।

व्हाट्सऐप ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा कि उसे 16 जून से 31 जुलाई के दौरान अकाउंट सपोर्ट (137), बैन अपील (316), अन्य सपोर्ट (45), प्रोडक्ट सपोर्ट (64) और सेफ्टी (32) में 594 यूजर की रिपोर्ट मिली हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि के दौरान 74 अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई। WhatsApp ने समझाया कि अकाउंट्स एक्शन उन रिपोर्टों को दर्शाता है जहां उसने रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की।

व्हाट्सऐप के प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि वर्षों से हमने अपने उपयोगकर्ताओं को अपने प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य अत्याधुनिक तकनीक, डेटा वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों और प्रक्रियाओं में लगातार निवेश किया है। आईटी नियम 2021 के अनुसार, हमने 46 दिनों की अवधि के लिए अपनी दूसरी मासिक रिपोर्ट 16 जून से 31 जुलाई तक प्रकाशित की है। इस उपयोगकर्ता-सुरक्षा रिपोर्ट में उपयोगकर्ता की शिकायतों के बारे में जानकारी दी गई। व्हाट्सऐप ने कहा कि उसे भारत में उपयोगकर्ताओं से दो तरीकों से शिकायतें मिलीं। पहला व्हाट्सऐप की सेवा की शर्तों के उल्लंघन के संबंध में भारत में व्हाट्सऐप के शिकायत अधिकारी को भेजे गए ई-मेल के माध्यम से, या व्हाट्सऐप खातों के बारे में प्रश्न, सहायता केंद्र में प्रकाशित और दूसरा डाक के माध्यम से भारत शिकायत अधिकारी को भेजे गए मेल के माध्यम से है।

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