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प.जै.स.शि.वि.मंदिर में बड़े उत्साह पूर्वक मना विश्व पर्यावरण दिवस

चाईबासा :  पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, चाईबासा में विश्व पर्यावरण दिवस बड़े उत्साह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर कक्षा नन्ही दुनिया से दशम तक के भैया -बहनों ने अपने घर के बाग-बगीचे में पर्यावरण की सुरक्षा हेतु विभिन्न प्रकार के फलदार पौधे, फूल के पौधे तथा औषधीय पौधे लगाए। वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य, आचार्य, बंधु- भगिनी व सेवक- सेविका ने मिलकर फलदार पौधे, फूल के पौधे व औषधीय पौधे विद्यालय के पुष्प वाटिका में लगाए।
सामान्य दिनों की भांति आज विशेष रूप से पौधों की निराई, गुड़ाई, कटाई- छंटाई एवं जल दिया गया। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रांत के निर्देश पर भैया- बहन को  विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं कराना निश्चित हुआ है। इसी के निमित्त आज 5 जून से 15 जून तक कक्षा नन्हीं दुनिया से दशम तक मनोरंजन, समय का सदुपयोग, पर्यावरण संरक्षण एवं भाषा- कौशल के विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं जिसके तहत आज कक्षा नन्ही दुनिया के भैया- बहनों के लिए ठप्पा कार्य प्रतियोगिता (तर्जनी उंगली से) , कक्षा अरुण- कोलाज कार्य प्रतियोगिता (विभिन्न प्रकार के अनाजों से) , कक्षा- उदय ठप्पा कार्य प्रतियोगिता (भिंडी से) , कक्षा- प्रथम चित्रकला प्रतियोगिता (तिरंगा बनाना), कक्षा द्वितीय- महापुरुषों का वेश प्रतियोगिता (बिरसा मुंडा, स्वामी विवेकानंद), कक्षा तृतीय-चित्रकला प्रतियोगिता (प्राकृतिक दृश्य), कक्षा चतुर्थ-चित्रकला प्रतियोगिता (पर्यावरण संरक्षण), कक्षा पंचम-चित्रकला प्रतियोगिता (पर्यावरण संरक्षण), कक्षा षष्ठ-भाषण प्रतियोगिता (विषय- पर्यावरण संरक्षण) कक्षा सप्तम-अंताक्षरी प्रतियोगिता (शब्दावली पर आधारित) कक्षा अष्टम-वंदना पर आधारित प्रश्न मंच प्रतियोगिता, कक्षा नवम-मानस पाठ प्रतियोगिता एवं कक्षा दशम-अंताक्षरी प्रतियोगिता (शब्दावली पर आधारित) सफलतापूर्वक कराए गए। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य  कृष्ण कुमार सिंह ने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर समस्त भैया- बहन, अभिभावक,
आचार्य बंधु भगिनी आदि को हार्दिक शुभकामनाएं दी और अपने संदेश में कहा कि आज पूरा देश विश्व पर्यावरण के संरक्षण में लगा है। वह इसलिए कि दुनिया की समस्त अर्थव्यवस्था बहुत हद तक पर्यावरण पर ही निर्भर है। पर आज के कुछ लोग इसे समझने के लिए तैयार नहीं हैं। यह लोगों की नासमझी दुनिया पर भारी पड़ने वाली है। इसलिए उन्होंने आज विद्यालय के समस्त भैया- बहन, आचार्य बंधु भगिनी आदि को अपने घर के बाग- बगीचे में एक पेड़ अवश्य लगाने के लिए अनुरोध किया क्योंकि एक पेड़ सौ पुत्र के बराबर होता है। इस मौके पर विद्यालय के समस्त आचार्य, बंधु- भगिनी, सेवक- सेविका उपस्थित थे।
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