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सनसनी नहीं, सटीक खबर

हक और हकुक के लिए एकजुट हुए ग्रामीण, कोयला उत्खनन और परिवहन कराया बंद

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रामप्रसाद सिन्हा

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पाकुड़: पचुवाड़ा नॉर्थ कोल ब्लॉक से प्रभावितो एवं विस्थापितो को उनका वाजिब हक नही मिलने के खिलाफ सोमवार को सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए और कोल कंपनी बीजीआर एवं जिला प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की। ग्रामीणो द्वारा कोयला उत्खनन एवं परिवहन करने वाली बीजीआर कंपनी द्वारा रैयतो एवं विस्थापितो के साथ की जा रही वादाखिलाफी एवं मनमानी को लेकर अनिश्चितकाल तक कोयला का उत्खनन और परिवहन बंद करने का एलान किया। सुरक्षा बंदोवस्त के बावजुद झारखंड मानव अधिकार सह जनजागृति कल्याण परिषद के अध्यक्ष मुन्ना हेम्ब्रम एवं अन्य प्रतिनिधियो के नेतृत्व में कोयला का उत्खनन और परिवहन भी सोमवार को बंद कर दिया गया। आक्रोशित लोगो द्वारा कोयला का उत्खनन और परिवहन बंद हो जाने के कारण सरकार को लाखो रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। बीजीआर कंपनी के पीआरओ संजय बेसरा ने बताया कि सोमवार को कोयला का उत्खनन और परिवहन ठप कर दिया गया है। उन्होने बताया कि मांगो से संबंधित किसी तरह के आवेदन पूर्व में झारखंड मानव अधिकार सह जनजागृति कल्याण परिषद एवं बंद कराने में शामिल लोगो द्वारा नही दिये गये है। उन्होने बताया कि लोगो की मांग क्या है इसकी जानकारी नही दी गयी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोमवार को झारखंड मानव अधिकारी सह जनजागृति कल्याण परिषद के मुन्ना हेम्ब्रम के नेतृत्व में संगठन के दर्जनो प्रतिनिधि सहित पाकुड़ एवं साहेबगंज जिले के लोग अमड़ापाड़ा प्रखंड के विशनपुर फुटवॉल मैंदान में ग्रामीणो के साथ बैठक की। बैठक में पचुवाड़ा नॉर्थ कोल ब्लॉक के विस्थापितो के साथ की जा रही वादाखिलाफी को लेकर कोल कंपनी के अलावे जिला प्रशासन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आवाज बुलंद किया। बैठक में ही निर्णय लिया गया कि कोयला उत्खनन और परिवहन तबतक नही होने दिया जायेगा जबतक कि सोलह आना रैयतो को उनका वाजिब हक नही मिल जाता। बैठक में रैयतो के मौलिक अधिकार एवं सीएसआर एवं आरएनआर की सुविधा बहाल नही होने तक कोयला का उत्खनन और परिवहन बंद रखने का एकस्वर में ग्रामीणो ने निर्णय लिया। बैठक में सैकड़ो की संख्या में आये लोग अपने पारंपरिक हथियार से लैस थे। ग्रामीणो का नेतृत्व कर रहे मुन्ना हेम्ब्रम ने बताया कि कोयला उत्खनन और परिवहन तो चालु कर दिया गया लेकिन इससे विस्थापित हुए लोगो के दुख और दर्द को दुर करने का काम न तो कोयला कंपनी और न ही जिला प्रशासन ने अबतक किया है। उन्होने कहा कि विस्थापितो की समस्याओ के निदान को लेकर डीसी एसपी का अनेको बार ध्यान आकृष्ट कराया गया लेकिन इनके स्तर से कोई पहल नही की गयी इसलिए ग्रामीणो के सहयोग से कोयला उत्खनन और परिवहन को बंद कराया गया है। विधि व्यवस्था की बहाली को लेकर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नवनीत एंथोनी हेम्ब्रम के अलावे अमड़ापाड़ा थाना प्रभारी, पुलिस पदाधिकारी सहित भारी संख्या में जवान तैनात थे। समाचार भेजे जाने तक कोयला का उत्खनन और परिवहन चालु नही हो पाया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाये हुए है। पचुवाड़ा नॉर्थ कोल ब्लॉक में कोयला उत्खनन चालु होने बाद पहली बार बीजीआर कंपनी को लोगो के आक्रोश का कोपभाजन होना पड़ा है। पचुवाड़ा नॉर्थ कोल ब्लॉक में कोयला का उत्खनन और परिवहन बंद कर दिये जाने के मामले को लेकर स्थानीय सांसद सह झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष विजय हांसदा ने कहा कि पश्चिम बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की आरएनआर पॉलिसी सबसे बेहतर है। उन्होने कहा कि पचुवाड़ा नॉर्थ कोल ब्लॉक में कोयला उत्खनन और परिवहन को बाधित करने का काम बाहरी तत्व कर रहे है। उन्होने कहा कि रैयतो एवं कोयला खदान से प्रभावित और विस्थापितो द्वारा विरोध नही किये जा रहे है। कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए कोल कंपनी के खिलाफ लोगो को बरगलाने और भड़काने का काम कर रहे है।

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