Live 7 TV
सनसनी नहीं, सटीक खबर

इस बार का बजट सीमित संसाधनों में बड़े बदलाव की संभावनाओं वाला है: मोदी

- Sponsored -

नयी दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अगले वर्ष के लिए पेश किया गया बजट आंकड़ों का हिसाब किताब नहीं बल्कि एक ऐसी बड़ी योजना है जिसको यदि ठीक से लागू कर दिया जाता है तो यह सीमित संसाधनों के सहारे भी बड़ा परिवर्तनकारी बजट हो सकता है।श्री मोदी के बजट 2022-23 में शिक्षा और कौशल क्षेत्र पर केंद्रीय बजट 2022 के सकारात्मक प्रभाव पर एक वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।श्री मोदी ने कहा कि बजट में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने, कौशल विकास, शहरी नियोजन और डिजाइंिनग के क्षेत्र में भारत के प्राचीन अनुभव तथा अनुभव को पाठ्यक्रमों में शामिल किए जाने तथा एनिमेशन दृश्य-प्रभाव गेंिमग कॉमिक पर भारत के कामों को अंतरराष्ट्रीय स्तर ले जाने पर बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य के राष्ट्र निमार्ताओं के रूप में युवाओं को सशक्त बनाना, भारत के भविष्य को सशक्त बनाना है।
श्री मोदी ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी ने कोविड महामारी के दौर में देश की शिक्षा प्रणाली को महामारी के दौरान चालू रखा और आज ह्यनवाचारह्ण हमारे देश में समावेश सुनिश्चित कर रहा है और इससे भी आगे बढ़ कर देश अधिक समन्वय एवं एकीकरण की ओर बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नौकरी की बदलती भूमिकाओं की मांगों के अनुसार देश युवाओं को तैयार करके ही भारत में युवा आबादी के लाभ को सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा,ह्यह्य यह बजट केवल आँकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, इस बजट को यदि ठीक से क्रियान्वित किया जाए तो यह सीमित संसाधनों में भी बड़े परिवर्तन ला सकता है। ह्णह्ण वेबिनार में केंद्र के कई मंत्री, शिक्षा, कौशल विकास, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान के प्रमुख हितधारक उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में युवा पीढ़ी के महत्व पर जोर देते हुए शुरूआत की। उन्होंने कहा, ह्यह्य भविष्य के राष्ट्र निमार्ता हमारे युवाओं को सशक्त बनाना, भारत के भविष्य को सशक्त बनाना है। ह्णह्ण प्रधानमंत्री ने बजट 2022 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कोशल विकास सहित युवाओं को रोजगार के लिए अधिक सक्षम बनाने से जुड़े पांच पहलुओं पर सबसे अधिक बल दिया। उन्होंने कहा कि बजट सबके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा और कौशल विकास पर ध्यान दिया गया है। इसमें एक डिजिटल कौशल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने, उद्योग की मांग के अनुसार कौशल विकास और कौशल विकास का उद्योगों की जरूरत के साथ बेहतर संबंध संपर्क बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसी तरह शहरी नियोजन और डिजाइंिनग के क्षेत्र में भारत के प्राचीन अनुभव और ज्ञान को शिक्षा में शामिल करने की योजना है। बजट में अवसरों के अंतर्राष्ट्रीयकरण पर बल दिया गया है जिसमें इसमें विश्व स्तर के विदेशी विश्वविद्यालयों के आगमन और गिफ्ट सिटी के संस्थानों को फिनटेक से संबंधित संस्थान आमंत्रित करने के लिए प्रोत्साहित करने की पहल शामिल है।
उन्होंने इस समबंध में पांचवे पहलू के तौर पर एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेंिमग कॉमिक (एवीजीवी) पर इस बाजार के बजट में विशेष ध्यान दिए जाने का उल्लेख किया और कहा कि इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं और इनका एक बड़ा वैश्विक बाजार है। श्री मोदी ने कहा, ह्यह्य इस बजट से राष्ट्रीय शिक्षा नीति को साकार करने में काफी मदद मिलेगी।ह्णह्ण प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि यह डिजिटल कनेक्टिविटी थी जिसने देश की शिक्षा प्रणाली को महामारी के दौरान चालू रखा। उन्होंने कहा कि देश में समाज में डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता के मामले में समाज में अंतर घट रहा है और नवाचार हमारे देश में समावेश सुनिश्चित कर रहा है। अब और भी आगे बढ़ते हुए देश एकीकरण की ओर बढ़ रहा है।ह्णह्ण उन्होंने कहा कि ई-विद्या, वन क्लास वन चैनल, डिजिटल लैब, डिजिटल विश्वविद्यालय जैसे उपाय एक शैक्षिक बुनियादी ढांचा तैयार कर रहे हैं जो देश के युवाओं की मदद करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। श्री मोदी ने कहा, ह्यह्य यह देश के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में गांवों, गरीबों, दलितों, पिछड़े और आदिवासी लोगों को बेहतर शिक्षा समाधान प्रदान करने का एक प्रयास है।

Looks like you have blocked notifications!

- Sponsored -

- Sponsored -

Comments are closed.