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चल रही कोरोना की तीसरी लहर, सीमित संसाधनों में काबू करने का प्रयास: हेमंत

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मुख्यमंत्री सात नए पीएसए आॅक्सीजन प्लांट का आनलाइन उद्घाटन किया
स्वास्थ्य सुविधाओं का हो रहा विस्तार
रांची में दो व जमशेदपुर, रामगढ़, देवघर, चाकुलिया व कुचाई में एक -एक पीएसए प्लांट लगाये गये
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, सीमित संसाधनों के बीच बेहतर प्रबंधन के साथ हमने कोरोना के खिलाफ जंग शुरू की। सभी ने देखा है कि पहली दो लहरों को नियंत्रित करने में काफी हद तक कामयाबी हासिल की। अभी तीसरी लहर चल रही है। इसे भी काबू में करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कोरोना महामारी के बीच राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रयास जारी है। इस कड़ी में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक स्वास्थ्य से संबंधित आधारभूत संरचना को मजबूत किया जा रहा है, ताकि लोगों को उनके घर के निकटवर्ती अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर चिकित्सीय लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री बुधवार को पाथ आॅर्गनाइजेशन के सहयोग से राज्य के विभिन्न अस्पतालों में सात नए पीएसए आॅक्सीजन प्लांट का आॅनलाइन उद्घाटन करते हुए ये बातें कही । उन्होंने कहा, सरकार द्वारा जो भी स्वास्थ्य संरचनाएं खड़ी की गई हैं, इसका कोरोना महामारी के अलावा भविष्य में भी बेहतर इस्तेमाल हो, इसे सुनिश्चित करना जरूरी है। पाथ संगठन के सहयोग से रांची के सदर अस्पताल में दो, जमशेदपुर के मर्सी हॉस्पिटल में एक, रामगढ़ ट्रॉमा सेंटर में एक, देवघर सदर अस्पताल में एक और चाकुलिया (पूर्वी सिंहभूम) तथा कुचाई (सरायकेला- खरसावां) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक -एक पीएसए आॅक्सीजन प्लांट लगाये गए हैं।

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इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह के अलावा मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय से सीएम के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का व सचिव विनय कुमार चौबे के अलावा पाथ संगठन के कंट्री डायरेक्टर नीरज जैन और स्टेट लीड, झारखंड अभिजीत सिन्हा आॅनलाइन मौजूद थे।

स्वास्थ्य क्षेत्र में हर दिन जोड़ रहे हैं नई कड़ी
मुख्यमंत्री बोले, लगभग दो वर्ष पहले जब कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया में दस्तक दी थी तो झारखंड भी इससे अछूता नहीं था। हमारी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि कोरोना की जांच की सुविधा तक राज्य में उपलब्ध नहीं थी। लेकिन, आज हर जिले में पीएसए प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। कोरोना की जांच के लिए आरटीपीसीआर और अत्याधुनिक कोबास मशीन भी यहां है। अस्पतालों में लगभग 25 हजार बेड उपलब्ध हैं। अब राज्य में आॅक्सीजन सपोर्टेड बेड, आईसीयू और वेंटीलेटर की पर्याप्त उपलब्धता है। सरकार का प्रयास है कि चिकित्सीय संसाधनों की कमी से किसी मरीज को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

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लोगों को जागरूक करना जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी कब तक जारी रहेगी, इसका आकलन करना बेहद मुश्किल है। लेकिन, ऐसे हालात में इसके संक्रमण से बचने के लिए हम सभी को सावधान तथा सतर्क रहना बेहद जरूरी है। सरकार बेहतर चिकित्सीय व्यवस्था तो कर ही रही है। लेकिन, इसके साथ महामारी से बचाव के तौर- तरीके लोगों को बताने के साथ कोरोना के दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराना सबसे ज्यादा अहमियत रखता है। इसमें सभी का सहयोग बेहद जरूरी है।

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