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जंगल है, तो जिंदगी है इसलिए हर हाल में रोकें पेड़ों की कटाई : खुशीराम

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सिमडेगा: सिमडेगा प्रखंड के कोचेडेगा पंचायत के राजस्व ग्राम में ग्राम सभा की बैठक ग्राम सभा अध्यक्ष दुलार केरकेट्टा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस बैठक में झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन जनसंगठन के अनूप लकड़ा एवं खुशीराम कुमार को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। मौके पर कोविड 19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए नि:शुल्क वनाधिकार कानून 2006 की पुस्तिका ग्राम सभा के अध्यक्ष एवं सचिव को दिया गया। इस अवसर पर अनूप लकड़ा ने बनाधिकार कानून 2006 को विस्तार पुर्वक बताते हुए कहा कि जल जंगल जमीन के साथ साथ जैव विविधता की करना हमारा मौलिक अधिकार है। हमारे पूर्वजों ने हजारों साल जल जंगल जमीन की रक्षा करते आये हैं और इस बात को हमारे पूर्वज भली भांति जानते थे कि जंगल हमारी भाषा संस्कृति के साथ साथ जीविका का मुख्य संसाधन है। अभी ऐसी स्थिति हो गई है कि जंगल है तो जिंदगी है इसलिए हमें पेडों की कटाई को हर हाल में रोकना होगा।मौके पर खुशीराम कुमार ने कहा कि हमारा क्षेत्र पाँचवी अनुसूचि क्षेत्र के अंतर्गत आता है यहाँ पेसा कानून लागू है लेकिन दुर्भाग्य है कि पेसा कानून की नियमावली झारखंड में अनेकों सरकार ने राज किया लेकिन आज तक नहीं बनाया जिसे पेसा कानून का घोर उलंघन हो रहा है। लेकिन अब हमें संगठित होकर अपने अधिकारों को लड़कर लेना होगा अभी भी बहुत से गाँव घरों के बीच में दलालों एवं ठीकेदारों के द्वारा कानून की धजिया उड़ाते हुए शोषण किया जा रहा है और जाति, धर्म और राजनीतिक दृष्टिकोण से फुट डाला जा रहा है। धन्यवाद ज्ञापन ओलेम्म डुंगडुंग ने किया। बैठक में ज्योतिष डुंगडुंग, अंजोर कुल्लु, क्लेमेंट किड़ो, क्रिस्टोफर सोरेंग, बेंजामिन तिर्की, एमिलिया डुंगडुंग, फुलकेरिया कुल्लू, रोलेन केरकेट्टा, नूतन केरकेट्टा, कुशली देवी, ज्योतिसेना केरकेट्टा, मेबेल डुंगडुंग, बिनीता डुंगडुंग, सारानी डुंगडुंग, बिनीता केरकेट्टा, अनम केरकेट्टा, घिरनी देवी, रुबेन कुल्लू, चरलेस लकड़ा, प्यारा बाडा, हेब्रोन बेक, संजय बा, चोंहास कुजूर सहित काफा संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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