Live 7 TV
सनसनी नहीं, सटीक खबर

शासन-प्रशासन की ढीली पड़ गयी है लगाम, आर्थिक अपराध में शामिल लोग हो गये बेलगाम

रामप्रसाद सिन्हा
पाकुड़: पाकुड़ जिले में आर्थिक अपराध पर अंकुश लगाने में शासन और प्रशासन की लगाम ढीली पड़ गयी है, यही वजह है कि आर्थिक अपराध में शामिल अपराधी बेलगाम हो गये है। अब तो हालात यह हो गये है कि बंद पड़ी खदाने ही नही बल्कि गोचर और सरकारी जमीन को भी आर्थिक अपराध में शामिल पत्थर माफिया इस तरह खोदने में जुट गये है मानो उन्हे शासन और प्रशासन का कोई खौफ ही नही। जिले में चल रहे अवैध कारोबार को शासन में बैठे कुछ लोगो को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष संरक्षण मिला हुआ है नतिजतन यह अवैध कारोबार थमने के बजाय दिनानुदिन बढ़ता ही जा रहा है।
जिले के मालपहाड़ी पत्थर औद्योगिक क्षेत्र पीपलजोड़ी, बासमाता, चेंगाडांगा, सालबोनी, रामनगर के अलावे काशिला, कालीदासपुर, डुंगरीटोला, हिरणपुर प्रखंड का सीतपहाड़ी, वीरग्राम, तुरसाडीह, रामनाथपुर, महारो, हाथीगढ़, जीयाजोरी, मानसिंगपुर, महेशपुर प्रखंड के सुंदरापहाड़ी, रद्दीपुर, पाकुड़िया प्रखंड के गोलपुर, खक्सा, खागाचुंआ आदि दर्जनो गांवो मेें पत्थरो का अवैध उत्खनन और परिवहन कर आर्थिक अपराध में शामिल माफियाओ द्वारा सरकार के राजस्व को क्षति पहुंचाने का काम जोरशोर से हो रहा है। यदाकदा अधिकारियो द्वारा अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के नाम पर छापेमारी के दौरान क्रशर को सील, वाहनो को जप्त करने की कार्रवाई की गयी लेकिन शासन में बैठे लोेगो द्वारा संरक्षण देने के कारण कोई खास असर आर्थिक अपराध में शामिल लोगो पर नही हो रहा है।
जिले में चल रहे अधिकांश अवैध उत्खनन और परिवहन के मामले में प्रशासनिक सुत्रो से मिली जानकारी के मुताबिक सत्ता पक्ष के ज्यादातर लोगो के शामिल रहने के कारण जबरदस्त कार्रवाई करने में वे असमर्थ महसुस कर रहे है। कुछ अधिकारियो ने तो नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अब पत्थरों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने का इसलिए मन नही करता कि जब छापेमारी और जप्ती की कार्रवाई के बावजुद संबंधित लोगो पर कोई कार्रवाई करने के पहले पैरवी और पैगाम आ जाने से खुद उनकी ही वैद्य कारोबारियो की नजर में कीरकीरी जो हो रही। आर्थिक अपराध में शामिल माफियाओ के बेलगाम होने के कारण सबसे ज्यादा नुकसान वाणिज्यकर, खनन और परिवहन विभाग को उठाना पड़ रहा है।
पत्थर कारोबारियो द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक संथाल परगना के तीन जिलो में सत्ता पक्ष के एक रसुखदार नेता का अवैध कारोबारियो को संरक्षण दिये जाने के कारण ही बीते 6 माह से ऐसी परिस्थिति उत्पन्न हुई है। अवैध पत्थर उत्खनन के लिए जिले में होड़ मची हुई है। इस गोरख धंधे में शामिल सबसे ज्यादा सत्ता पक्ष के लोग शामिल बताये जा रहे है हालांकि कुछ विपक्षी दलो के लोग भी बहती गंगा में हाथ धोने से बाज नही आ रहे। जिले में प्रतिमाह एक आकंड़े के मुताबिक करोड़ो रूपये राजस्व की क्षति आर्थिक अपराध को अंजाम देने में शामिल बेलगाम लोगो के कारण सरकार को उठानी पड़ रही है। यदि समय रहते शासन और प्रशासन में बैठे लोगो ने आर्थिक अपराध पर लगाने के लिए सख्त रवैया नही अपनाया तो न केवल राजस्व की क्षति बल्कि जिले में अवैध विस्फोटको के कारोबार को फलने फुलने का ज्यादा अवसर मिलेगा।
Looks like you have blocked notifications!

Leave a Reply