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किस्को के प्रियांशु की मौत ने तोड़ी परिजनों की कमर

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मंत्री पुत्र रोहित प्रियदर्शी उरांव के सार्थक पहल पर प्रियांशु का रिम्स में चल रहा था इलाज
किस्को/लोहरदगाः जिले के किस्को रिचुघुटा मुख्य पथ पर फटेया टोली मोड़ पर स्थित नोवेल कुजूर के घर के समीप बीते 14 जनवरी को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए प्रियांशु उरांव को इलाज हेतु किस्को थाना प्रभारी अभिनव कुमार झारखंड सरकार के वित्त राज्य मंत्री डॉक्टर रामेश्वर उरांव के पीए असलम अंसारी रूरल स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर किस्को के मुख्य कोच तबारक हुसैन अंसारी एवं समाजसेवी एकरामुल अंसारी व अन्य की तत्परता से घायलावस्था में तत्काल सदर अस्पताल लोहरदगा पहुंचाया गया था ।
जहां पर डॉक्टरों की टीम के द्वारा सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए बगड़ू थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बेटहट के ग्राम पतगेच्छा निवासी गोविंद उरांव का 23 वर्षीय पुत्र प्रियांशु उरांव को इलाज करने के बाद बेहतर इलाज हेतु तत्काल रिम्स रांची रेफर कर दिया गया था। यहां पर बताते चलें कि रिम्स रांची में प्रियांशु उरांव का बेड संख्या 12 न्यूरो डिपार्टमेंट के आइसीयू वार्ड में मंत्री पुत्र रोहित प्रियदर्शी उरांव के सार्थक प्रयास से इलाज चल रहा था। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि राज्य के वित्त राज्य मंत्री सह लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉक्टर रामेश्वर उरांव के पुत्र कांग्रेस पार्टी के जुझारू व कर्मठ नेता रोहित प्रियदर्शी उरांव के द्वारा नीजी तौर पर प्रियांशु के बेहतर इलाज हेतु परिजनों को आर्थिक रूप से सहयोग भी किया गया था।
साथ कांग्रेसी नेता रोहित प्रियदर्शी उरांव के द्वारा प्रियांशु के शव को घर तक लाने हेतु एक वाहन की व्यवस्था कर शव को घर तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई गई थी। इधर कांग्रेसी नेता रोहित प्रियदर्शी उरांव के द्वारा प्रियांशु के पिता गोविंद उरांव व परिजनों को यह आश्वस्त करते हुए कहा गया था कि प्रियांशु के इलाज में किसी प्रकार की बाधाएं उत्पन्न नहीं आने दिया जाएगा। परंतु प्रियांशु उरांव का इलाज के दौरान रांची रिम्स में रविवार को देहांत हो गया। इधर प्रियांशु उरांव घर का एकमात्र कमाऊ व्यक्ति था जिसकी मौत ने न सिर्फ बूढ़े मां बाप को झकझोर कर रख दिया है बल्कि पतगेच्छा के अलावा आसपास के गांव वालों में भी प्रियांशु के मौत से गहरी सदमा पहुंचा है।
इधर चर्चा है कि प्रियांशु की मौत कैसे हुई, कौन है जो गरीब असहाय परिवार का कमाऊ व्यक्ति को मौत के घाट उतार कर फरार हो गया इन सारे सवालों ने सोचने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे में अब प्रियांशु के बूढ़े मां बाप का कौन मददगार साबित होगा, कैसे चलेगा घर का नून रोटी, कौन दूर करेगा घर की माली हालात, कौन होंगे बूढ़े मां बाप का देखभाल करने वाला इन सभी परेशानियों से कैसे उबर पाएंगे प्रियांशु के माता-पिता। अब तो प्रियांशु के माता-पिता पूरी तरह से बेसहारा हो गए हैं ऐसे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सरकारी अमला को आगे आकर इन बेबस लाचार प्राणी को प्राथमिकता के साथ हर संभव मदद करें ताकि इन दोनों का घर चल सके। बात जो भी हो लेकिन प्रियांशु उरांव की मौत भविष्य के गर्भ में सवाल बनकर रह जाएगा।
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