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मारा गया नक्सली न बालक गंझू है, न दिनेश नगेसिया, फिर यह है कौन? 

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दिनेश नगेसिया  के परिजनों ने कहा- यह नहीं है दिनेश का शव
मृत नक्सली का पोस्टमार्टम हुआ, मगर पहचान का पेंच फंसा
कयूम खान 
लोहरदगाः लोहरदगा और लातेहार के सीमावर्ती बुलबुल जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए माओवादी नक्सली की पहचान का पेंच फंस गया है। मारे गए नक्सली को पांच लाख का इनामी बालक गंझू बताया गया था। मगर इसकी तस्वीरें समाचार पत्रों और सोशल मीडिया में सरकुलेट होने के बाद दावे किए जाने लगे कि यह बालक गंझू नहीं है। इस बीच  लोहरदगा के बोंडोबार निवासी दिनेश नगेसिया के रूप में इसकी पहचान के दावे और चर्चे होने लगे।
17 फरवरी की देर रात लोहरदगा सदर अस्पताल नक्सली के शव को लाया गया था । इतनी पोस्टमार्टम कराई गई। पुलिस ने बोंडोबार  गांव से दिनेश नगरिया के परिजनों को सदर अस्पताल बुलाकर उन्हें दिखाया और पहचान करने को कहा मगर दिनेश नागेशिया के परिजनों ने शव देखने के बाद कहा कि यह दिनेश नहीं है। हालांकि शव देखने के पहले तस्वीरों के आधार पर परिवार के ही लोगों ने दावा किया था कि दिनेश नगेसिया का शव है। मगर अपनी आंखों से देखने के बाद दिनेश के भाई पुष्कर नगेसिया ने कहा कि यह शव उसके भाई दिनेश नगेसिया का नहीं है। उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने भी यही बात कही।
जबकि लातेहार दूधीमाटी निवासी बालक गंझू का भाई रामू गंझू और चचेरा फूलदेव गंझू भी सदर अस्पताल आया और इन दोनों ने लाश बालक गंझू की होने से इनकार कर दिया। अब पुलिस के लिए मृत नक्सली की पहचान कराने की अलग परेशानी खड़ी हो गई है। क्योंकि मारा गया नक्सली न तो बालक गंझू है और न ही दिनेश नगेशिया, फिर यह है कौन? इस सवाल का जवाब पाने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। फिलहाल सुरक्षा बल नक्सलियों के
खिलाफ अभियान में जुटे हैं।

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