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सनसनी नहीं, सटीक खबर

लिट्टीपाड़ा की बीटिया संजना ने मैट्रिक में मनवाया अपना लोहा, डॉक्टर बन करना चाहती है लोगो की सेवा

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रामप्रसाद सिन्हा

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पाकुड़: होनहार वीरवान के होत चिकने पात की कहावत को कम महिला साक्षरता दर वाले लिट्टीपाड़ा प्रखंड की संजना ने चरितार्थ कर दिखाया है। झारखंड ही नही बल्कि देश में कम महिला साक्षरता दर वाले पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड की संजना कुमारी ने मैट्रिक की परीक्षा में अपना लोहा मनवाया है। मैट्रिक परीक्षा के घोषित परिणाम में संजना ने 91.60 प्रतिशत अंक हासिल किया  है। संजना ने गणित विषय में सर्वाधिक 98 फिसदी अंक हासिल किया है। संजना आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहती है ताकि गरीब तबके के लोगो की वह बेहतर सेवा कर सके। अपनी सफलता का श्रेय संजना ने पिता तपन कुमार मंडल, माँ चिंता देवी, चाचा नीलू मंडल,चाची सुचित्रा मण्डल के अलावे राजकीयकृत उच्च विद्य़ालय लिट्टीपाड़ा के शिक्षकों को देती है। संजना ने बताया कि वह मेडिकल की पढ़ाई कर डॉक्टर इसलिए बनना चाहती है कि ग्रामीण इलाको के वैसे लोग जो पैसे के अभाव में अपना इलाज सही तरीके से नही करा सकते उन्हे वह बतौर डॉक्टर चिकित्सा का लाभ दे सके। संजना ने प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से शुरू की। शुरू से ही पढ़ने में संजना अपने वर्ग के सभी बच्चों से अव्वल रही। कक्षा प्रथम से लेकर नवम तक की परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण रही। साधारण परिवार से आने वाली संजना की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि उसने मैट्रिक की परीक्षा में 91.60 प्रतिशत अंक हासिल किया है। संजना पाकुड़ जिले ही नही बल्कि झारखंड राज्य के उस लिट्टीपाड़ा प्रखंड से आती है जहां आज भी महिलाओ की शैक्षणिक स्थिति अन्य प्रखंडो की तुलना में बेहद ही चिंताजनक है। अशिक्षा के अभाव में आज भी लिट्टीपाड़ा प्रखंड के अधिकांश लोग इलाज के लिए झोलाछाप डॉक्टरो का सहारा लेते है। संजना के बेहतर अंक लाने को लेकर विद्यालय के शिक्षको, प्राधानाचार्य ने उसे बधाई दी है।
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