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बंगाल में सलाहकारों की चयन प्रक्रिया अपारदर्शी : धनखड़


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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा है कि सलाहकारों के चयन के संबंध में ममता बनर्जी सरकार की ओर से 28 दिसंबर के पत्र का कोई जवाब नहीं मिला है, जो पक्षपात के विस्तार की व्यापक धारणा को और मजबूत करता है।
श्री धनखड़ ने शनिवार को ट्वीट कर कहा,‘ तंत्र अपारदर्शी है, जो संविधान के अनुच्छेद 16 के तहत पारदर्शी और जवाबदेही से कोसों दूर है।’ उन्होंने जोर देकर कहा,‘‘सलाहकारों की भर्ती के संबंध में 28 दिसंबर के संचार पर ममता बनर्जी की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जो पक्षपात के विस्तार की व्यापक धारणा को बल देता है।’ राज्यपाल ने कहा कि व्यक्तिगत परीक्षण के आधार पर बिना विवरण के चयन होने से अधिक अपारदर्शी कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा,‘‘इस भर्ती के लिए अपनाए जाने वाला तंत्र, तौर-तरीकों और चयन प्रक्रिया के विवरण को पेश करने में मुख्य सचिव की विफलता बड़ी नाकामी है।’ गौरतलब है कि मंगलवार को श्री धनखड़ ने वरिष्ठ सलाहकारों की चयन प्रक्रिया पर कड़ी आपत्ति जताई और राज्य सरकार से तंत्र और तौर-तरीकों के बारे में विवरण मांगा था।
भर्ती तंत्र को गैर-पारदर्शी और मनमाना बताते हुए, राज्यपाल ने कहा,‘सार्वजनिक डोमेन में इससे संबंधित विवरण की गैर मौजूदगी के कारण यह उचित व न्यायसंगत प्रतीत नहीं होता है।’ राज्यपाल ने कहा,‘चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता, जवाबदेही और तौर-तरीकों को लेकर कई बार गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं। कुछ श्रेणियों में हुई भर्ती पहले से ही न्यायिक जांच के दायरे में भी है।’

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