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समीक्षा:ओमिक्रॉन और आरबीआई की मौद्रिक नीति से तय होगी बाजार की चाल

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मुंबई : कोरोना के नये स्वरूप ओमिक्रॉन से सहमे निवेशकों की बिकवाली से बीते सप्ताह उठापटक से गुजरे शेयर बाजार की चाल ओमिक्रॉन और रिजर्व बैंक (आरबीआई) की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा को लेकर विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के रुख से तय होगी।
समीक्षाधीन सप्ताह शेयर बाजार में तीन दिन तेजी और दो दिन गिरावट का रुख रहा। उतार-चढ़ाव से गुजरता हुआ बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 589.31 अंक चढ़कर सप्ताहांत पर 57696.46 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 170.25 अंक बढ़कर 17196.70 अंक पर रहा। बड़ी कंपनियों की तरह छोटी और मझौली कंपनियों में लिवाली हुई। बीएसई का मिडकैप 336.4 अंक की तेजी के साथ 25182.91 अंक और स्मॉलकैप 350.48 की बढ़त लेकर 28421.89 अंक पर पहुंच गया।
विश्लेषकों कहना है कि बीते सप्ताह ओमिक्रॉन की अनिश्चितता के दबाव में उठापटक से गुजरता हुआ सेंसेक्स और निफ्टी एक प्रतिशत की बढ़त पाने में कामयाब हुआ। लेकिन, अगले सप्ताह भी शेयर बाजार में ओमिक्रॉन की अनिश्चितता, आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा, आईआईपी और महंगाई के जारी होने वाले आंकड़ों के बीच अस्थिरता जारी रहने का अनुमान है।
रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा 08 दिसंबर को होगी। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आरबीआई ओमिक्रॉन के बढ़ते डर, मजबूत विकास, उच्च मुद्रास्फीति के बीच संतुलन कैसे बनाए रखेगा। अगले सप्ताह शुक्रवार को आईआईपी और खुदरा महंगाई के आंकड़े भी जारी होने वाले हैं। बाजार पर इसका असर भी देखा जा सकता है।
उनका कहना है कि इस सब के बीच अगले सप्ताह एफआईआई का व्यवहार बाजार को दिशा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एफआईआई ने पिछले सप्ताह नकद बाजार में 15800 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। हालांकि घरेलू निवेशकों ने नकद बाजार में 16500 करोड़ रुपये की लिवाली करके बाजार को मजबूत समर्थन प्रदान किया है।
कोरोना के नये वैरिएंट ओमिक्रोन से डरे निवेशकों की भारी बिकवाली से पिछले सप्ताह भूचाल देख चुके घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को आईटी, टेक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऊर्जा समूह में हुई लिवाली से तेजी लौट आई लेकिन बिकवाली का दबाव बरकरार रहने से सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 153.43 अंक की तेजी लेकर 57,260.58 अंक और निफ्टी 27.50 अंक की मामूली बढ़त के साथ 17,053.95 अंक पर रहा।
वैश्विक बाजार के नकारात्मक संकेत के बीच स्थानीय स्तर पर टाटा स्टील, रिलायंस, मारुति, एसबीआई समेत 17 कंपनियों में हुई बिकवाली से मंगलवार को शेयर बाजार पिछले दिवस की तेजी गंवाकर गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 195.71 अंक गिरकर 57,064.87 अंक पर और निफ्टी 70.75 अंक टूटकर 17 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 16,983.20 अंक पर आ गया।
कोरोना के नये स्वरूप ओमिक्रॉन के खतरे के बीच चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के उम्मीद से बेहतर आंकड़े से निवेशकों को बल मिला और उनकी चौतरफा लिवाली से बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी पिछले दिवस की गिरावट से उबरते हुए एक प्रतिशत से अधिक की तेजी पर रहे। सेंसेक्स 619.92 अंक की छलांग लगाकर 57,684.79 अंक और निफ्टी 183.70 अंक उछलकर 17,166.90 अंक पर रहा।
वैश्विक बाजार की गिरावट के बावजूद स्थानीय स्तर पर कम भाव पर हुई चौतरफा लिवाली की बदौलत गुरुवार को शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भी रौनक बरकरार रही। सेंसेक्स 776.50 अंक की छलांग लगाकर 58 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 58,461.29 अंक और निफ्टी 234.75 अंक की तेजी लेकर 17,401.65 अंक पर रहा।
वहीं, वैश्विक बाजार के सकारात्मक संकेत के बावजूद स्थानीय स्तर पर रिलायंस, मारुति, एसबीआई और आईटीसी समेत 25 कंपनियों में हुई मुनाफावसूली के दबाव में शुक्रवार को शेयर बाजार की पिछले लगातार दो दिन की तेजी पर ब्रेक लग गया। सेंसेक्स 764.83 अंक का गोता लगाकर 58 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 57,696.46 और निफ्टी 204.95 अंक लुढ़ककर 17,196.70 अंक पर आ गया।

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