Live 7 TV
सनसनी नहीं, सटीक खबर

संभावित बाढ़ व सूखा के मद्देनजर तत्परता से करें काम : तारकिशोर

पटना: संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ को ध्यान में रखते हुए पूरी जवाबदेही के साथ अग्रिम तैयारी ससमय पूरा कर लें, ताकि बाढ़ आपदा के समय आवश्यकतानुसार उपयोग किया जा सके। उक्त बातें उपमुख्यमंत्री सह पटना के प्रभारी मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ के मद्देनजर जिला राहत एवं अनुश्रवण सह निगरानी समिति की बैठक में कही। बैठक में उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी आपदा प्रबंधन के सभी कार्य मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ ससमय पूरा करें। समय-समय पर जनप्रतिनिधियों से भी आवश्यक फीडबैक प्राप्त करें एवं उनकी समीक्षा कर कार्रवाई करें। प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सांप काटने की दवा, एंटी रेबीज दवा निश्चित रूप से उपलब्ध रहनी चाहिए। पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए की गई अग्रिम तैयारी के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। जिला पदाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के परिवारों की सूची के सत्यापन के उपरांत आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर अपलोड किया गया है, जिससे बाढ़ के समय जीआर की राशि बैंक खाता के माध्यम से भेजे जाने में सहूलियत हो। जिले में सरकारी नाव, निजी नाव के पंजीकरण, लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित गोताखोर, चिन्ह्ति शरण स्थल, राहत एवं बचाव दल, एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ कंपनी की उपलब्धता, राहत सामग्रियों की उपलब्धता आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। आपदा नियंत्रण कक्ष को संचालित किया गया है। जल संसाधन विभाग के अभियंता एवं प्रशासनिक अधिकारी द्वारा संयुक्त रुप से निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार चिन्ह्ति स्थल पर तटबंध को सुदृढ़ एवं सुरक्षित किया गया है। जिलाधिकारी स्तर पर भी तटबंधों एवं स्लुइश गेट का अभियंताओं के साथ निरीक्षण कर प्रभावी कार्रवाई की गई है। तटबंधों की सुरक्षा हेतु पर्याप्त संख्या में होमगार्ड की प्रतिनियुक्ति की गई है। सिविल सर्जन ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए 54 प्रकार की दवा उपलब्ध है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पशुओं के लिए पशु चारा, पशु दवा एवं शरण स्थली तैयार है। क्षेत्र में पशु चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई है। बाढ़ आपदा के लिए खाद्य एवं अन्य सामग्रियों का दर निर्धारित है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा क्षेत्रवार चापाकलों का सर्वेक्षण कर खराब चापाकलों की मरम्मत की गई है।
चिन्ह्ति शरण स्थली पर कोविड प्रोटोकॉल के दृष्टिकोण से भी आवश्यक व्यवस्था की जा रही है।

Looks like you have blocked notifications!

Leave a Reply