Live 7 TV
सनसनी नहीं, सटीक खबर

राजस्थान में सरसों की बंफर पैदावार की संभावना

- Sponsored -

झुंझुनू : राजस्थान में सर्दियों में इस बार अच्छी मावठ के चलते खेतों में सरसों की फसल की बंफर पैदावार होने की संभावना है।
झुंझुनू जिले में कृषि विभाग के लक्ष्य से करीब सवा 14 हजार हेक्टेयर में किसानों ने ज्यादा सरसों की बुवाई की है। पिछले पांच साल में पहली बार सरसों के भाव सबसे अधिक 6800 रुपए प्रति ंिक्वटल हैं। दूसरी सबसे अच्छी बात यह है कि पहली बार ही जिले में 50 से अधिक आॅयल मिल हो गई हैं। इनमें पांच नई बनकर तैयार हुई हैं और इसी सीजन से शुरू हो जाएंगी।
कृषि विभाग के सहायक निदेशक डॉ. विजयपाल कस्वा ने बताया कि जनवरी महीने में दो बार हुई अच्छी बारिश एवं वातावरण में नमी शत प्रतिशत रहने से सरसों को फायदा होगा। वहीं इस बार बाजार भाव भी ज्यादा है। पांच साल के दौरान सरसों के भाव दो गुना हो गए। पिछले दो साल के दौरान इनमें 57 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में बाजार में सरसों का भाव 6800 रुपए प्रति ंिक्वटल है। जबकि वर्ष 2018 में सरसों 3400 रुपए प्रति ंिक्वटल था। पिछले साल सरसों के भाव 5700 रुपए प्रति ंिक्वटल थे। भाव बढ़ने से इस बार जिले में सरसों की बुआई के प्रति किसानों का रूझान बढ़ा है।
जिले में सरसों की डिमांड बढ़ना भी इस बार सरसों के रकबे को बढ़ावा देना माना जा रहा है। जिला उद्योग केंद्र के अनुसार जिले में करीब 30 छोटी एवं 18 बड़ी आॅयल मील संचालित है। जिनकी क्षमता 4 ंिक्वटल से 300 ंिक्वटल प्रति दिन की है। इनके अलावा इस सीजन में 5 से ज्यादा और फैक्ट्री का संचालन शुरू होगा। जिससे जिले में ही डिमांड बढ़ने लगी है।
बाजार में भाव बढ़ने से जिले में किसानों ने सरसों का रकबा भी बढ़ा दिया है। कृषि विभाग ने इस बार रबी फसल के लिए 2.51 लाख हैक्टेयर का लक्ष्य रखा गया था। जिसमें सरसों की बुवाई के लिए 72 हजार हैक्टेयर तय किया गया था। लेकिन किसानों ने इससे भी सवा 14 हजार हैक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में बुवाई की। चना 75 हजार एवं गेहूं के लिए 70 हजार हैक्टेयर तय किया था। जबकि गेहूं की 2735 हैक्टेयर वं चना की 6020 हैक्टेयर कम में बुवाई हुई है। सरसों के अलावा किसानों ने जौ की लक्ष्य से 240 हैक्टेयर में बुवाई की है।

 

Looks like you have blocked notifications!

- Sponsored -

- Sponsored -

Comments are closed.