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चुनाव पूर्व सर्वेक्षण पर रोक लगाने की मांग करेंगी मायावती

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में छोटे दलों के गठबंधन से जनता को सावधान रहने की अपील करते हुये बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने कहा कि चुनाव पूर्व सर्वेक्षण पर रोक लगाने के लिये वह जल्द ही चुनाव आयोग को पत्र लिखेंगी।
पार्टी संस्थापक कांशीराम के 15वें परिनिर्वाण दिवस के मौके पर श्रद्धाजंलि सभा को संबोधित करते हुये सुश्री मायावती ने शनिवार को कहा कि कुछ लोग बसपा को कमजोर आंकने का दुष्प्रचार कर रहे हैं हालांकि उनकी गलतफहमी आज के जनसैलाब को देखकर दूर हो गयी होगी।
अगले साल उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने का दावा करते हुये उन्होने कहा कि जनता को कांग्रेस,भारतीय जनता पार्टी (भाजपा),समाजवादी पार्टी (सपा) और आम आदमी पार्टी (आप) के हवा हवाई वादों से सजग रहना चाहिये जिनमें तनिक भी दम नहीं है। अनुशासन प्रिय और पारदर्शी सरकार सिर्फ बसपा दे सकती है जो समाज के सभी वर्गो के लिये काम करेगी। गरीब,मजदूरों के अलावा ब्राह्मणों तथा मुस्लिमों की सुरक्षा और सम्मान का पूरा ख्याल रखा जायेगा। सरकार बनने पर गरीब और सभी बेरोजगार को रोटी-रोजी के साधन उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जायेगी और पार्टी इसी मुद्दे के साथ चुनाव मैदान पर उतरेगी।
उन्होने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा,सपा तथा कांग्रेस का नाटक देख लिया है। बसपा के लोग भी इनके नाटक हथकंडों से सावधान रहें। 2007 में बसपा ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनने पर प्रदेश को बेहतरीन कानून व्यवस्था दी थी। उनकी अपील है कि इस बार जनता भाजपा के झूठे वादे और प्रलोभन में आकर अपना वोट खराब न करे।
सुश्री मायावती ने कहा कि वह चुनाव आयोग को पत्र लिखकर विभिन्न चैनलों और एजेंसियों के चुनाव पूर्व सर्वेक्षण पर रोक लगाने की मांग करेंगी। जनता को इन सर्वेक्षणों से भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। इससे पहले भी बंगाल और दिल्ली के चुनाव नतीजे ऐसे सर्वेक्षणों को गलत साबित कर चुके हैं।
सुश्री मायावती ने कहा कि यूपी की सत्ता में काबिज होने के बाद उनकी सरकार बदले की भावना से काम नहीं करेगी और केन्द्र और पूर्ववर्ती राज्य सरकार की योजनाओं को समय से पूरा कराया जायेगा। अयोध्या,वाराणसी और मथुरा में जारी विकास कार्यो को तेजी से पूरा कराया जायेगा।
एआईएमआईएम और भीम आर्मी का नाम लिये बगैर उन्होने कहा कि प्रदेश में कुछ ऐसी भी छोटी-छोटी पार्टियां व दल हैं जो अकेले या गठबंधन कर चुनाव लड़ सकते हैं। इनका मकसद चुनाव जीतना नहीं, बल्कि अपने स्वार्थ के लिये पर्दे के पीछे से खासकर सत्ताधारी पार्टी को फायदा पहुंचाना होता है। यह छोटी पार्टियां उन्हीं के हिसाब से अपने प्रत्याशी खड़े करती हैं , इसलिये ऐसी पार्टियों और दलों से सावधान रहने की जरूरत है। समाजवादी पार्टी (सपा) का नाम लिये बगैर उन्होने कहा ‘‘एक ऐसी पार्टी भी है जो स्वार्थी और टिकटार्थियों को शामिल कर अपना कुनबा बढ़ा रही है।’’ बसपा सुप्रीमो ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट तथा गुर्जर समुदाय को रिझाने के लिये भाजपा को उनके समुदाय के राजाओं को प्रतिमायें लगानी पड़ रही है और विश्वविद्यालयों का निर्माण करना पड़ रहा है।
इससे पहले सुश्री मायावती ने कांशीराम स्मारक स्थल पर पार्टी संस्थापक कांशीराम को श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस दौरान लाखों लोगों की भीड़ हाथों में नीले झंडे लेकर उन्हे सुनने को बेकरार दिखी। गौरतलब है कि बसपा सुप्रीमो ने कुछ दिन पहले पार्टी के प्रबुद्ध सम्मेलन में कांशीराम की पुण्यतिथि को लखनऊ में जोर शोर से मनाने का एलान किया था। उन्होने इसके लिये सभी 75 जिलों के कार्यकर्ताओं को लखनऊ आने का न्योता दिया था।

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