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राजस्थान में ओवैसी की राजनीति से बिगड़ सकता है बीजेपी और कांग्रेस का खेल !

इस बार बड़ी तैयारी के साथ ओवैसी राजस्थान के चुनाव में उतर रहे हैं। ओवैसी की नजर सूबे की 30 मुस्लिम बहुल सीटों पर है

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अखिलेश अखिल

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भारतीय राजनीति में ओवैसी भी अपनी तरह की राजनीति करते हैं। वे हैदराबाद से आते हैं। वही के सांसद है और देश के कई राज्यों में उनकी पहुँच है और वोट बैंक भी। ओवैसी खूब बोलते हैं ,डरते किसी से नहीं। वे बीजेपी को भी  लताड़ते हैं और कांग्रेस को भी हड़काते हैं। वे समाजवादी भी हैं और राष्ट्रवादी भी। वे धार्मिक भी हैं लेकिन पाखंडी नहीं। बहुत से हिन्दुओं में अगर कट्टरता है तो ओवैसी में भी अपने धर्म के प्रति कट्टरता हो सकती है। लेकिन अजीब बात ये हैं कि वे कानून को मानते हैं और संविधान में यकीन रखते हैं । इतना सब होने के बाद भी ओवैसी पर इल्जाम यह है कि वे बीजेपी के लिए काम करते हैं और बीजेपी की बी टीम के हिस्सा हैं।
      राजस्थान चुनाव में ओवैसी पूरी ताकत के साथ उतर रहे हैं। राजस्थान के करीब 30 मुस्लिम बहुल सीटों पर ओवैसी की पार्टी अपना उम्मीदवार उतार रही है। ओवैसी इसके लिए कई तरह के इंतजाम भी कर रहे हैं। वे मुस्लिम सीटों  पर उम्मीदवार तो खड़ा करें गए लेकिन उम्मीदवार कोई भी हो सकता है। हिन्दू भी और मुसलमान भी। महिला भी और पुरुष भी। उनका ऐलान है कि जो भी कांग्रेस और बीजेपी के खिलाफ अपना मत रखता है वह हमारे साथ आ जाए।
     राजस्थान में अब ही तक मुस्लिम सीटों पर कांग्रेस का दबदबा रहा है। पिछले चुनाव में अधिकतर सीटें कांग्रेस की झोली में गई थी लेकिन बीजेपी को भी कई सीटों पर जीत हासिल हुई है। कांग्रेस की जीत में बमुस्लिम बहुल सीटों की बड़ी भूमिका थी। लेकिन इस बार ओवैसी उन सक्सेअतों को अपने पाले में लाने को तैयार हैं जिन सीटों पर ा भी तक बीजेपी और कांग्रेस खेल करती रही है।
              ओवैसी कई बार राजस्थान का चक्कर लगा चुके हैं। उनकी पार्टी की इकाई भी वहां कड़ी हो गई है। जानकारी मिल  रही है कि बहुत जल्द ही ओवैसी राजस्थान में अपन इ उम्मीदवारों की घोषणा कर्फ़ सकते हैं। लेकिन ओवैसी की राजनीति को देखकर सबसे ज्यादा चिंता बीजेपी और कांग्रेस की ही बढ़ गई है। कांग्रेस को पता है कि ओवैसी की पार्टी के मैदान में उतरने के बाद वोट का बंटवारा हो सकता है और इस बंटवारे में बीजेपी की जीत हो सकती है। ठीक यही हाल बीजेपी का भी है। उसे भी  लग रहा है कि जिन सीटों पर पिछले चुनाव में बीजेपी की जीत हुई थी वहां अगर ओवैसी की पार्टी  भी  उम्मीदवार खड़ा करती है तो इसका लाभ कांग्रेस को हो सकता है।
       आज कांग्रेस और बीजेपी के उम्मीदवारों की सूची जारी हुई है। बीजेपी ने जहां उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है वही कांग्रेस की भी पहली सूची जारी हुई है। बीजेपी की दूसरी सूची में 83 प्रत्याशियों के नाम हैं तो कांग्रेस की पहली सूची में  33  नाम हैं। बीजेपी की सूची में वसुंधरा समेत कई दिग्गज नेताओं के नाम है तो कांग्रेस की सूची में सचिन समेत मुख्यमंत्री गहलोत के भी नाम है। दोनों ही पार्टियों की सूची में कई कई ऐसे लोगों के भी नाम हैं जो पार्टी से या किसी नेता से दुखी चल रहे थे। सूची जारी होने के बाद सबके चेहरे पर खुशियां देखी जा रही है। वसुंधरा के लोगों को भी टिकट दिए गए हैं तो सचिन पायलट के लोगों को भी कांग्रेस ने टिकट दिए हैं। लेकिन टिकट के बंटवारे के बाद दो दलों की चिंता ओवैसी की पार्टी पर जा टिकी है। जानकार कह रहे हैं कि अगर ओवैसी ने ठीक से फील्डिंग कर दिया तो राजस्थान के चुनाव में इस बार सात से आठ सीटों पर ओवैसी की पार्टी बाजी मार सकती है और ऐसा हुआ तो फिर राजस्थान का परिणाम कुछ और भी हो सकता है।
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