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निलंबन वापस नहीं किये जाने के विरोध में राज्यसभा से विपक्ष का वाकआउट

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नयी दिल्ली : राज्यसभा से विपक्ष के बारह सदस्यों के निलम्बन वापस नहीं लिए जाने के विरोध में मंगलवार को विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया ।
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आवश्यक दस्तावेज सदन पटल पर रखे जाने के बाद विपक्षी दलों के सदस्यों के निलम्बन का मामला उठाया और कहा कि यह नियम के विरुद्ध हुआ है । उन्होंने कहा कि सदस्यों के निलम्बन का प्रस्ताव घटना के बाद लाया गया है और कुछ सदस्यों का हंगामे से कोई लेनादेना नहीं था उन्हें भी निलम्बित किया गया है।
बाद में सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि नियम के तहत सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है और यह कार्रवाई सभापति ने नहीं सदन ने की है । इसके बाद कांग्रेस , आम आदमी पार्टी , राष्ट्रीय जनता दल , समाजवादी पार्टी और वामपंथी दलों के सदस्यों ने सदन से एक साथ वाकआउट किया।
इसके कुछ देर के बाद तृणमूल कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों ने भी सदन से बहिर्गमन किया । इससे पहले श्री खड़गे ने आरोप लगाया कि संसदीय कार्य मंत्री नियमों का उल्लंघन कर सदस्यों के निलंबन का प्रस्ताव लाये हैं । विपक्ष के नेता ने जब इस पर औचित्य का प्रश्न उठाने की अनुमति मांगी तो उन्हें नहीं दी गयी जो संसदीय परम्परा का उल्लंघन है ।
उन्होंने कहा कि कोई सदस्य जानबूझ कर सदन की कार्यवाही में बाधा डालता है तो सभापति उसे निलंबित करने से पहले नामित करते हैं तथा इसके बाद निलम्बन का प्रस्ताव लाया जाता है ।
बाद में शोरगुल के बीच श्री नायडू ने कहा कि सदस्यों को 10 अगस्त की सदन की कार्यवाही देखनी चाहिए । विपक्ष के कुछ सदस्य मेज पर चढ गये थे , सभापीठ पर कागज फेंके गये जो सदन का अपमान है । इसके बाद शून्यकाल की घोषणा कर दी गयी लेकिन श्री खड़गे अपनी बात रखते रहे । इसी दौरान कांग्रेस के सदस्य सदन के बीच में आ गये और नारेबाजी करने लगे ।
सभापति ने कहा कि यह लोकतंत्र का अपमान है । लोकतंत्र में अपनी बात कह सकते हैं या सदन के बाहर जा सकते हैं । विपक्ष को सदन से बाहर जाने का अधिकार है । इसके बाद विपक्षी दल सदन से बाहर चले गये ।
इसके कुछ देर बाद तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान विपक्षी सदस्यों को हंगामे के लिए मजबूर किया गया । वह संसद की पवित्रता बनाये रखना चाहते हैं । विपक्ष का कोई कसूर नहीं है । इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया ।

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