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ईद-उल-अजहा पर फिर कोरोना का असर, ईदगाहों में नहीं पढ़ी गई नमाज

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लोहरदगा टीम
लोहरदगा: इस्लामिक कैलेंडर के अंतिम माह में आयोजित होने वाला त्याग व बलिदान का त्योहार ‘ईद-उल-अजहा’ बकरीद का त्योहार कोरोना काल और कोविड19 के दौरान बहुत सादगी और अमन के साथ जिले के नगर पालिका क्षेत्र सहित कुड़ू,  किस्को, कैरो, भंडरा, सेन्हा, पेशरार प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में
मनाया गया। यह दूसरा मौका था जब जिले के विभिन्न ईदगाह में सामूहिक रूप से नमाज अदा नहीं की गई।
कोरोना वायरस के संभावित तीसरी लहर के बीच बुधवार को शांति व सौहार्द के साथ शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए मनया जा रहा है। इस अवसर पर लोहरदगा जिले के नगरपालिका क्षेत्र समेत किसी भी ईदगाह व मस्जिद में ईद उल अजहा की नमाज नहीं पढ़ी गई। लोगों ने गाइडलाइंस का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए मस्जिदों और अपने-अपने घरों में नमाज अदा कर एकता का परिचय दिया। कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए हम सब एकजुट हैं और हम सरकार के फैसले के साथ हैं। पूरे परिवार के साथ नमाज अदा करते हुए अल्लाह पाक से जिला समेत देश में शांति, सौहार्द और समृद्धि की दुआएं की गई। साथ ही अल्लाह से फरियाद की गई कि पूरा देश कोरोना मुक्त हो और भारत की जीत हो। फिर घरों में ही कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो गया। साथ ही लोगों ने एक दूसरे को मोबाइल फोन व सोशल मीडिया के द्वारा ईद की शुभकामनाएं दीं।
पर्व-त्‍योहरों पर पड़ा कोरोना का असर, घरों में ही नमाज
विदित हो कि लोहरदगा समेत पूरा राज्य कोरोना वायरस संक्रमण से जूझ रहा है। संक्रमण से बचाव के लिए सरकार ने कुछ छूट के साथ गाइडलाइंस घोषित किया गया है। इसके लिए शारीरिक दूरी का पालन भी जरूरी है। इसका असर पर्व-त्‍योहार पर भी पड़ा है। संकटकाल में त्‍योहारों की धूमधाम खत्‍म हो गई है। इस बकरीद के अवसर भी ऐसा देखने को मिल रहा है। ईदगाहों में नमाज अदा नहीं की गई। और न मेला का आयोजन हुआ, जिससे बच्चे और बुजुर्गों में मायूसी दिखाई दी।
अंजुमन व मुस्लिम धमर्गुरुओं की सुरक्षित त्‍योहार मनाने की अपील
कोरोना संकट को देखते हुए मुस्लिम आइमा (धमर्गुरुओं) ने भी सुरक्षित तरीके से त्‍योहार मनाने की अपील कीं। अंजुमन इस्लामिया के सदर हाजी अफसर कुरैशी, सेक्रेटरी एडवोकेट सफदर आलम, सदस्यों और धमर्गुरुओं ने जिले के लोगों को बकरीद की मुबारकबाद देते हुए सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने की अपील की है। सदस्यों ने कहा है कि सरकारी गाइडलाइंस का पालन व सामाजिक दूरी के साथ बकरीद की नमाज मस्जिदों अथवा घर पर ही अदा करें। भीड़ ना लगाएं। बच्चों को भी पूरी सफाई और सावधानी रखना सिखाएं। बच्चों, महिलाओं, बुर्जुगों और वंचित परिवारों की विशेष देखभाल करें। सौहार्द्र बनाए रखें।
घरों से नहीं निकले लोग, सड़कों पर सन्‍नाटा
जिले के सड़कों खासकर शहरी क्षेत्र के सड़कों पर सन्नाटा है। जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की गयी है। सुबह से ही हर चौक-चौराहों पर दंडाधिकारी व पुलिस व सुरक्षा बल तैनात हैं। एसडीओ अरविंद कुमार लाल, एसडीपीओ बीएन सिंह, नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी देवेन्द्र कुमार, अंचलाधिकारी श्री तिर्की, थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर मन्टू कुमार आदि अधिकारी घूम-घूमकर लगातार मॉनेटािंग करते नजर आए। साथ ही लोगों को कोविड के गाइडलाइंस का पालन करने की हिदायतें भी देते रहे। बकरीद के अवसर पर घरों से निकले लोगों को भी पुलिस ने समझाया, जिसका असर हुआ है।
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