Live 7 TV
सनसनी नहीं, सटीक खबर

कर्तव्यों का पालन नहीं करने वाले सांसदों को सवाल करने का अधिकार नहीं है: नायडू

- Sponsored -

नयी दिल्ली : उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शनिवार को कहा कि जो सांसद या विधायक अपने कार्यों- कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते हैं, वे विभिन्न स्तरों पर कार्यपालिका से सवाल करने का अपना नैतिक अधिकार खो देते हैं।

उपराष्ट्रपति ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 97वीं जयंती के अवसर पर चेन्नई में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री वाजपेयी की जयंती को ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि लोगों के प्रति कार्यपालिका की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सुशासन को ‘अच्छी विधायिका’ की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल, अल्प अवधि की चर्चा, विधेयकों पर वाद-विवाद आदि का उपयोग करके निर्वाचित प्रतिनिधि सरकार से नीतियों के कार्यान्वयन, विभिन्न कल्याण और विकास परियोजनाओं के निष्पादन के बारे में सवाल कर सकते हैं।श्री नायडु ने कहा कि ‘अच्छे विधायकों’ की आवश्यकता है जो लोगों द्वारा उन पर किए गए विश्वास के साथ न्याय करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें सके।

- Sponsored -

उन्होंने कहा कि लगातार व्यवधानों और जबरन स्थगन के कारण विधायिकाओं की निगरानी और जवाबदेही का कार्य अपेक्षाओं से कम हो रहे हैं।उन्होंने कहा, ‘‘असक्रिय विधायिकाएं लचर शासन की ओर ले जाती हैं क्योंकि इससे विधायिकाओं में कार्यपालिका के बीच पूछताछ का कोई डर नहीं होगा।’

- Sponsored -

’उपराष्ट्रपति ने कहा कि हाल ही में समाप्त हुए संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान व्यवधानों के कारण राज्यसभा ने कुल प्रश्नकाल का लगभग 61 प्रतिशत समय गंवा दिया।श्री नायडू ने जोर देकर कहा, ‘‘यदि कोई सांसद या विधायक कार्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं करता है, तो उसे विभिन्न स्तरों पर कार्यकारिणी पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं होगा।

’’ उन्होंने ंिचता व्यक्त की कि राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के स्तर पर सेवाओं के वितरण में ‘शासन की कमी’ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह की कमी से समय और लागत बढ़ जाती है, सामाजिक-आर्थिक प्रगति के लक्ष्य को खतरे में डाल देता है और लोगों को सहभागी शासन से अलग कर देता है।

Looks like you have blocked notifications!

- Sponsored -

- Sponsored -

Comments are closed.