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झामुमो के विधायकों ने बैठक कर सांसद गीता कोड़ा के खिलाफ खोला मोर्चा

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चक्रधरपुर आरईओ सड़क निर्माण शिलान्यास में सांसद का शिलापट्ट में नाम नहीं होने के बाद राजनीति गरमाई,

कांग्रेस और झामुमो आमने-सामने

सरकार में रहते हुए सरकार विरोधी कृत्य और बयानबाजी कर रही हैं सांसद , कांग्रेसी गठबंधन धर्म का करे पालन

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विधायकों ने संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित कर कहा पहले जो हुआ सो हुआ

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अब सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार आज से भविष्य में होंगे सभी शिलान्यास और उद्घाटन

चाईबासा : चक्रधरपुर अनुमंडल में आरईओ विभाग द्वारा सड़क के शिलान्यास में सांसद गीता कोड़ा का नाम शिलापट्ट में नहीं लिखे जाने के बाद कांग्रेसियों द्वारा इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन, विभागीय मंत्री और सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी सांसद गीता कोड़ा एवं कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है । आज चाईबासा सर्किट हाउस में झामुमो के जिला अध्यक्ष एवं चक्रधरपुर के विधायक सुखराम उरांव, झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह चाईबासा के विधायक दीपक बिरुवा, केंद्रीय सचिव सह मजगांव के विधायक निरल पूरती ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता आयोजित कर चक्रधरपुर में सड़क शिलान्यास को लेकर कांग्रेस द्वारा एवं सांसद गीता कोड़ा द्वारा किए गए कृत्य एवं बयानबाजी की कड़ी निंदा की है और इसे गठबंधन धर्म के सरकार में शामिल रहते हुए सरकार विरोधी कार्य करने की बात कही है । झामुमो विधायकों ने कहा कि झारखंड सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा ज्ञापांक 1999 दिनांक 20/10/ 2021 को सरकार के प्रधान सचिव वंदना दांडेल द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य के किसी भी योजनाओं के उद्घाटन शिलान्यास में सांसद का नाम लिखना अनिवार्य नहीं किया गया है। हालांकि पूर्व में सांसद का नाम लिखा जाता था ,लेकिन आखिर सरकार ने किस कारण से यह अधिसूचना जारी की है । सांसद गीता कोड़ा को सरकार द्वारा जारी अधिसूचना एवं अपने पार्टी के वरीय नेताओं से पूछना और जानकारी लेना चाहिए उसके बाद इस तरह की बयानबाजी और कार्य किया जाना चाहिए। जब अधिसूचना जारी की गई उससे पूर्व कैबिनेट में चर्चा में शामिल अपने पार्टी के मंत्रियों और विधायकों से जानकारी लेनी चाहिए। तीनों विधायकों ने प्रेस वार्ता में बताया कि पूर्व में सांसद का नाम शिलापट्ट में शिलान्यास एवं उद्घाटन के अवसर पर लिखा जाता था , जो परंपरा चल रही थी वह चल रही थी अब आगे से भविष्य में सरकार के जारी अधिसूचना के अनुसार ही योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन होगा। जहां सांसद गीता कोड़ा का नाम लिखना है लिखा जाएगा जो सम्मान मिलना था मिलेगा, जहां नाम नही लिखना चाहिए वहां नाम नहीं रहेगा। जब यह मामला उठ ही गया है तो यह पूरे राज्य स्तर का मामला है । सासंद गीता कोडा और कांग्रेस ने इस मामले को लेकर जिस तरह राजनीति की है गठबंधन सरकार में शामिल होते हुए सरकार विरोधी कार्य कृत्य किए हैं। सांसद और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा सोशल मीडिया फेसबुक पर जो सरकार विरोधी कार्य किए जा रहे हैं वह गलत है। विधायकों ने कहा कि सरकार में शामिल रहने के बावजूद सांसद गीता कोड़ा द्वारा सरकार विरोधी कार्य किया जा रहा है आए दिन ऐसे कार्य और बयान दिए जाते हैं जिससे सरकार की छवि धूमिल होती है । चाहे एनएच -75 सड़क निर्माण हो या जन शताब्दी ट्रेन और कई ऐसे मामले हैं जिस पर सांसद का बयान सरकार के खिलाफ जाता है ।उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव होना है , वर्तमान में सांसद को हम सभी विधायकों के सहयोग से सांसद बनी है आगे भी सहयोग लेना है तो मिलजुल कर रहे कहीं ऐसा तो नहीं है कि 2024 लोकसभा चुनाव में सांसद गीता कोड़ा दूसरी पार्टी में छलांग लगाने का प्लान कर रही है। विधायक ने कहा कि जिस तरह सांसद गीता कोड़ा जगन्नाथपुर के विधायक को हांक रहे हैं उसी तरह झामुमो के विधायकों को भी समझना भारी भूल होगी ,अगर सांसद गीता कोड़ा को लगता है कि झामुमो के विधायकों द्वारा उनके साथ पक्षपात किया जा रहा है तो वह पहले सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन को देखे समझे उसके बाद बयानबाजी करें। विधायकों ने मंत्रिमंडल सचिवालय सरकार के प्रधान सचिव द्वारा जारी गाइडलाइन की कॉपी भी मीडिया को जारी करते हुए कहा कि पूर्व में शिलान्यास और उद्घाटन में सांसद का नाम लिखा जाता था और वह उपस्थित होती थी अब आगे से गाइडलाइन का सख्ती से पालन होगा, सभी तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता के साथ भी बैठक कर सरकार के जारी गाइडलाइन से अवगत करा दिया गया है । अब शिलापट्ट के उद्घाटन -शिलान्यास में सांसद का नाम नहीं होगा। गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले तकनीकी विभागों के अभियंताओं पर दंडनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विधायकों ने आरोप लगाया है कि सांसद गीता कोड़ा गठबंधन और सरकार में रहते हुए सरकार विरोधी कार्य कर रही हैं ,जब यह गाइडलाइन बन रहा था और चर्चा हो रही थी उस समय उनके पार्टी के सभी मंत्री भी शामिल थे। आखिर क्या कारण है कि राज्य में सांसद को शिलान्यास उद्घाटन में शिलापट्ट में नाम नहीं लिखने की अधिसूचना जारी हुई। सरकार का गाइडलाइन दिया गया यह राज्य स्तरीय मामला है । सांसद और कांग्रेस को गठबंधन धर्म का पालन करना चाहिए ,हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार के इस से सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। गठबंधन की सरकार चलती रहेगी, सरकार विरोधी हर कृत का झामुमो विरोध करेगा। और गठबंधन धर्म का पालन करेगा। प्रेस वार्ता में मौके पर जिला सूत्री उपाध्यक्ष दीपक प्रधान जिला उपाध्यक्ष राहुल आदित्य भुवनेश्वर महतो आदि शामिल थे। प्रेस वार्ता से पूर्व तीनों विधायकों ने सभी कार्यकारी एजेंसियों के कार्यपालक अभियंताओं के साथ बैठक की और सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का अक्षर सह: पालन करने का निर्देश दिया एवं उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की भी चेतावनी दी है। विधायकों ने 20 सूत्री के तमाम सदस्यों के साथ भी बैठक की और जिले में पार्टी की आगे की राजनीति- रणनीति की चर्चा की।

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